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साइबर सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा पर राष्ट्रीय सम्मेलन

22 Jun, 2022

चर्चा में क्यों ?

हाल ही में नई दिल्ली में साइबर सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन हुआ।

मुख्य बिंदु :-

  • केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा 20 जून 2022 को नई दिल्ली में साइबर सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन हुआ।
  • इस राष्ट्रीय सम्मेलन को केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने संबोधित किया। इस अवसर पर गृह मंत्रालय के केंद्रीय सचिव और गृह मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
  • उल्लेखनीय है की साइबर अपराधों की रोकथाम के बारे में जन जागरूकता पैदा करने के लिए इस राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया था।
  • उल्लेखनीय है की गृह मंत्रालय में भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के समन्वयन में इस राष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारी के लिए 8 जून से 17 जून तक ‘‘आजादी का अमृत महोत्सव’’ के बैनर के तहत साइबर स्वच्छता, साइबर अपराधों की रोकथाम, साइबर सुरक्षा तथा राष्ट्रीय सुरक्षा पर विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 75 स्थानों पर भी समारोहों का आयोजन किया था।

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के संबोधन की मुख्य बातें –

साइबर सुरक्षा एक चुनौती -
  • शाह ने कहा कि भारत में प्रौद्योगिकी को जमीनी स्तर पर ले जाया जा रहा है और अगर साइबर सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो यह देश के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
  • उन्होंने कहा, ‘‘हम सब जानते हैं कि साइबर सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण है और यह भारत के विकास में कैसे योगदान दे सकती है। साइबर सुरक्षा के बिना भारत की प्रगति संभव नहीं है। साइबर सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा का अभिन्न अंग है और भारत सरकार इसे मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।’’
साइबर स्पेस का दुरूपयोग –
  • गृह मंत्री ने कहा कि हर कोई जानता है कि ‘साइबर स्पेस’ का दुरुपयोग कोई नयी बात नहीं है और विभिन्न प्रकार के साइबर अपराध अक्सर देखे जाते हैं जिनमें मालवेयर हमले, फिशिंग, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमले, डेटा चोरी, ऑनलाइन आर्थिक धोखाधड़ी, बाल अश्लीलता शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इस तरह के अपराध और बढने की आशंका है।
  • शाह ने देश में साइबर अपराधों की बढ़ती संख्या के आंकड़ों का भी हवाला दिया। वर्ष 2012 में 3377 साइबर क्राइम रिपोर्ट किए गए थे और 2020 में रिपोर्टिंग की संख्या 50 हज़ार तक पहुंची है,2020 में हर दिन 136 साइबर अपराध के मामले दर्ज किए, प्रति एक लाख जनसंख्या पर साइबर अपराधों की संख्या में भी चार वर्षों में 270 प्रतिशत की वृद्धि हुई, 2016 में यह 1 थी और 2020 में यह बढ़कर 3.7 हो गई। ये बताता है कि ये वृद्धि आने वाले समय में कितनी बड़ी चुनौती बनने वाली है

साइबर क्राइम की बढती शिकायते –

  • साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल तीन साल पहले लॉंच किया गया जिस पर अब तक अलग-अलग प्रकार की 11 लाख से ज़्यादा शिक़ायतें दर्ज की जा चुकी हैं।
  • सोशल मीडिया क्राइम की भी दो लाख से ज़्यादा शिक़ायतें दर्ज की जा चुकी हैं।
  • ये मात्रा दिन-प्रतिदिन बढ़ने वाली है क्योंकि भारत में आज 80 करोड़ भारतीयों की ऑनलाइन मौजूदगी है , 2025 तक और 40 करोड़ भारतीय डिजिटल दुनिया में प्रवेश करेंगे, पिछले 8 वर्षों में इन्टरनेट कनेक्शन में 231% की बढ़ोतरी हुयी है।

डिजिटल होता भारत –

  • श्री शाह ने कहा कि सिर्फ प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत 45 करोड नए अकाउंट खोले गए हैं और 32 करोड रुपे डेबिट कार्ड पिछले 8 सालों में देश में वितरित किए गए हैं। यह 32 करोड लोग ऑनलाइन उपस्थिति यही बताती है कि हमारा कारोबार कितना बढ़ रहा है।
  • वित्त वर्ष 2022 में यूपीआई पर लेनदेन एक ट्रिलियन डॉलर को पार कर गया है । दुनिया में डिजिटल भुगतान में हम प्रथम स्थान पर है। वर्ष 2021 में कुल वैश्विक डिजिटल भुगतान का 40 प्रतिशत भारत में हुआ है जो हमारा आकार बताता है।
  • भीम-यूपीआई अब केवल भारतीय ऐप नहीं रह गई है बल्कि ग्लोबल बन चुकी है। सिंगापुर, यूएई, भूटान, नेपाल और अब फ्रांस में भी यूपीआई और भीम ऐप स्वीकार कर लिया गया है।
  • जनधन, आधार और मोबाइल के माध्यम से हमने डीबीटी को सुनिश्चित किया है। लगभग 52 मंत्रालयों की 300 से ज्यादा योजनाएं डीबीटी को कवर करती हैं और अब तक सात साल में 23 लाख करोड़ रूपए की राशि सीधे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करने का काम केन्द्र की सरकार ने किया है। इससे लगभग दो लाख करोड़ रूपए की बचत भी हुई है।
  • भारतनेट भी बहुत तेज़ी से विकसित हो रहा है, 5.75 लाख किलोमीटर लंबी फाइबर केबल बिछा दी गई है और पिछले 8 सालों में 1,80,000 गांवों को इससे जोड़ने का काम किया गया है जो 8 साल पहले 10,000 से भी कम थी। हम सबके सामने चुनौती कितनी बड़ी होने वाली है, हमें इसका संज्ञान होना चाहिए।लेकिन भारत सरकार का गृह मंत्रालय भी लगातार बहुत चौकन्ने तरीके से साइबर फ्रॉड की रोकथाम के लिए भी पूरी तरह जागरूक है और तेजी से आगे बढ़ रहा है।

भारत में साइबर सुरक्षा -

  • 2017 में गृह मंत्रालय में साइबर और सूचना सुरक्षा (सीआईएस) प्रभाग बनाया गया और वहां से साइबर सुरक्षा की दिशा में बहुत सारे कदम उठाए गए।
  • भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) और सीआईएस डिवीजन के तहत सात स्तंभों में साइबर अपराधओं की रोकथाम के लिए काम चल रहा है - राष्ट्रीय साइबर अपराध थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिर्पोटिंग पोर्टल, राष्ट्रीय साइबर अपराध प्रशिक्षण केंद्र, राष्ट्रीय साइबर अपराध अनुसंधान और नवाचार केंद्र, जॉइंट साइबरक्राइम कोऑर्डिनेशन, राष्ट्रीय साइबर अपराध इकोसिस्टम प्रबंधन यूनिट और राष्ट्रीय साइबर अपराध फॉरेंसिक प्रयोगशाला।
  • कैपेसिटी बिल्डिंग के लिए भी I4C ने काफ़ी काम किया है।
  • CyTrain पोर्टल के ज़रिए देशभर के पुलिसबलों के 16000 से ज्यादा अफ़सरों का इस पोर्टल पर प्रशिक्षण हो चुका है और 6000 लोगों को सर्टिफिकेट भी दिए जा चुके हैं।
  • इसके साथ-साथ साइबर अपराध फॉरेंसिक जांच में भी राष्ट्रीय साइबर अपराध फॉरेंसिक प्रयोगशाला के साथ-साथ नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी में भी अनुसंधान का काम चल रहा है।
  • देश और दुनिया में कहीं पर भी साइबर फ्रॉड या साइबर अटैक का नए प्रकार का हमला होता है तो नेशनल फॉरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी इसका संज्ञान लेकर और इस पर शोध कर इससे बचाव और सुरक्षा की प्रणाली विकसित करने के लिए काम कर रही है।

भविष्य की चुनौतिया –

  • केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि साइबर सुरक्षा एक प्रकार से राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ भी जुड़ी है।जो हमारे देश को सुरक्षित देखना नहीं चाहते वह अनेक प्रकार के cyber-attack का प्रयोजन भी करते हैं।
  • कुछ देशों ने तो इसके लिए साइबर आर्मी भी बनाई हुई है। मगर भारत सरकार का गृह मंत्रालय भी इससे निपटने के लिए पूरी तरह से चौकन्ना है और हर कदम पर इसकी रोकथाम के लिए हम अपने आप को अपग्रेड भी कर रहे हैं।
  • उन्होंने कहा कि साइबर फ्रॉड के कई नए आयाम आने वाले दिनों में देखने में आएंगे, साइबर स्पेस सुरक्षा के संदर्भ में भी हमें कई तैयारियां करनी होंगी। नागरिकों की प्राइवेसी के प्रश्न हमारे सामने उपस्थित हो चुके हैं, क्रिटिकल इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी के संदर्भ में हमें और अधिक सतर्कता बरतनी होगी।
  • डेटा और इंफॉर्मेशन यह दोनों आने वाले दिनों में बहुत बड़ी आर्थिक ताकत बनने वाली है इसीलिए डेटा और इंफॉर्मेशन की सुरक्षा के लिए भी हमें ख़ुद को तैयार करना होगा।

Source - PIB