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टेलीप्रॉम्प्टर तकनीक

<div> गुजरात के गांधीनगर में आयोजित वाइब्रेंट गुजरात समिट में प्रधानमंत्री मोदी का अंग्रेजी में सटीक भाषण देना चर्चा का विषय रहा। आइये जानिए इसके पीछे का रहस्य क्या थाI दरअसल इसके लिए टेलीप्रॉम्प्टर का उपयोग किया गया।</div> <div> &nbsp;</div> <div> <strong>आपको बताते हैं कि आखिर यह तकनीक कैसे काम करती है :-</strong></div> <div> टेलीप्रॉम्प्टर दो आइनों से बना होता है और आंशिक रूप से पारदर्शी होता है। यह एक पतले से स्टैंड पर लगा रहता है, और इसका कोण 45 डिग्री होता है। इस कांच में वह शब्द दिखाई देते हैं, जो मॉनिटर पर प्रदर्शित होते हैं। यह भाषण देने वाले की इच्छानुसार दो या तीन जोड़ी में लगाया जा सकता है। ताकि वक्ता दएं या बाएं देखकर भी भाषण दे सके।</div> <div> &nbsp;</div> <div> मॉनिटर के रूप में फुल फ्लैट एलसीडी टीवी का उपयोग किया जाता है, जिसे छत पर टंगाया जाता है। इसमें भाषण के शब्द 56 से 72 के फोंट साइज में दिखाई देते रहते हैं। मॉनिटर पर आने वाले भाषण को एक ऑपरेटर द्वारा कंट्रोल किया जाता है। वक्ता के भाषण को सुनते हुए वह इसकी गति को तय करता है। जब वक्ता भाषण के बीच में थोड़ा सा रुकता है तो वह भाषण का अगला हिस्सा मॉनिटर पर प्रदर्शित करता है।</div> <div> &nbsp;</div> <div> पारदर्शी आइने की वजह से श्रोताओं को ऐसा महसूस होता है कि भाषण देने वाला जनता की ओर देखकर बोल रहा है, जबकि वह टेलीप्रॉम्प्टर को देख रहा होता है। आइने पर एंटी-रिफलेक्टिव कोटिंग की जाती है, इस वजह भाषण देने वाले को दिख रहे शब्द श्रोताओ को नहीं दिखाई देते हैं।</div> <div> &nbsp;</div>

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