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नमामि गंगे: 'जन भागीदारी' से बनेगी गंगा निर्मल

&raquo;&nbsp;गंगा को निर्मल बनाने के लिए सरकार &quot;जन भागीदारी&quot; मॉडल का सहारा लेगी। गंगा में प्रदूषण रोकने के लिए वह मिशन मोड में कार्यक्रम चलाएगी और इस मामले में कोई समझौता नहीं करेगी।<br /> <br/>&raquo;&nbsp;प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई एनजीआरबीए की पांचवीं बैठक में केंद्रीय मंत्रियों के साथ ही बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत और झारखंड के मुख्यमंत्री रघुबरदास मौजूद थे।<br /> <br/>&raquo;&nbsp;गंगा में प्रदूषण रोकने के लिए मिशन मोड तरीका अपनाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि गंगा को निर्मल बनाने का कार्य चुनौती भरा है लेकिन इसमें अपार आर्थिक गतिविधियों के सृजन और पूरे देश में सकारात्मक दृष्टिकोण परिवर्तन की संभावनाएं भी हैं।<br /> <br/>&raquo;&nbsp;आने वाली पीढ़ियों के लिए गंगा को बचाना हमारी जिम्मेदारी है। गंगा करोड़ों भारतीयों की आस्था से जुड़ी है।<br /> <br/>&raquo;&nbsp;यह काम जन भागीदारी के बिना संभव नहीं।<br /> <br/>&raquo;&nbsp;प्रधानमंत्री ने राज्यों से आग्रह किया कि वे गंगा के किनारे बसे शहरों और कस्बों के विकास पर विशेष ध्यान दें ताकि इन क्षेत्रों से प्रदूषण रोका जा सके।<br /> <br/>&raquo;&nbsp;बैठक में मौजूदा बिहार, झारखंड और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों ने गाद प्रबंधन और राज्यों की परियोजनाओं को सिंगल विंडो क्लीयरेंस की व्यवस्था का सुझाव दिया।<br />

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