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राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना

&raquo;&nbsp;राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना को अब स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय लागू करेगा<br /> <br/>&raquo;&nbsp; श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (आरएसबीवाई) को अब से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय लागू करेगा। सरकार द्वारा हाल ही में लिये गये निर्णय को ध्यान में रखते हुए श्रम एवं रोजगार मंत्रालय आरएसबीवाई को 1 अप्रैल, 2015 से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को सौंप रहा है। यह निर्णय &#39;जैसा है, जहां है&#39; के आधार पर प्रभावी होगा।<br /> <br/>&raquo;&nbsp;गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) जीवन यापन कर रहे परिवारों के लिए स्वास्थ्य बीमा योजना &#39;आरएसबीवाई&#39; को वित्त वर्ष 2007-08 में असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए लांच किया गया था और यह योजना 1 अप्रैल, 2008 से पूरी तरह परिचालन में आ गई थी।<br /> <br/>&raquo;&nbsp;इसके अंतर्गत असंगठित क्षेत्र के 11 पेशेगत समूहों और बीपीएल परिवारों (5 लोगों की एक इकाई) के लिए &#39;फैमिली फ्लोटर&#39; के आधार पर 30,000 रुपये तक के सालाना मातृत्व लाभ कवर समेत आईटी एवं स्मार्ट कार्ड आधारित कैशलेस (नकद रहित) स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराया जाता है।<br /> <br/>&raquo;&nbsp;31 दिसम्बर 2008 से असंगठित कामगार सामाजिक सुरक्षा अधिनियम, 2008 प्रभावी हुआ था और असंगठित कामगारों को लाभान्वित करने वाली दस सामाजिक सुरक्षा योजनाएं इनमें समाहित थीं। आरएसबीवाई भी इनमें शामिल थी।<br /> <br/>&raquo;&nbsp;सार्वजनिक एवं निजी दोनों ही क्षेत्रों (सरकारी-4, निजी-12) की बीमा कंपनियां इस प्रमुख योजना में भाग ले रही हैं।<br /> <br/>&raquo;&nbsp; 29 राज्यों और 7 केन्द्रशासित प्रदेशों में से 3 राज्यों और 4 केन्द्रशासित प्रदेशों में यह योजना कभी भी लागू नहीं की गई, जबकि 5 राज्यों और 1 केन्द्रशासित प्रदेश में यह योजना कुछ समय के लिए लागू की गई थी और फिर इसे रोक दिया गया।<br /> <br/>&raquo;&nbsp;अब तक कुल मिलाकर 548 जिलों (देश भर में कुल 676 जिले हैं) को आरएसबीवाई के तहत कवर किया गया है, जबकि 128 जिलों ने आरएसबीवाई को कभी भी लागू नहीं किया।<br /> <br/>&raquo;&nbsp;भारत में कुल 47 करोड़ के अनुमानित श्रम बल में से केवल आठ करोड़ ही संगठित कर्मचारी हैं, जबकि 39 करोड़ कामगार असंगठित क्षेत्र में कार्यरत हैं।<br />

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