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बृहस्पति के सबसे बड़े चंद्रमा गैनीमेड पर जीवन संभव

&raquo;&nbsp;वैज्ञानिकों को सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति पर पानी के पक्के प्रमाण मिले हैं। नासा की हबल अंतरिक्ष दूरबीन ने इस ग्रह के सबसे बड़े चांद गैनीमेडे की बर्फीली सतह के नीचे खारे पानी के सागर की मौजूदगी का पता लगाया है।<br /> <br/>&raquo;&nbsp; इस खोज से ब्रह्मांड में पृथ्वी के बाहर भी जीवन के लिए उपयुक्त माहौल की उम्मीद जगी है।<br /> <br/>&raquo;&nbsp;वैज्ञानिकों ने हबल दूरबीन से इस चांद की सतह पर &quot;ऑरोरे&quot; देखा। इसका अध्ययन करने पर इसके नीचे पानी मौजूद होने के संकेत मिले। <br/><br /> <strong><span style="color:#800000;">धरती से ज्यादा पानी</span></strong><br /> <br/>&raquo;&nbsp;वैज्ञानिकों का मानना है कि गैनीमेडे के भूमिगत सागर में धरती से भी ज्यादा पानी है। माना जा रहा है कि यह धरती के समुद्रों से 10 गुना ज्यादा गहरा और 150 किमी मोटी बर्फीली सतह के नीचे दबा है।<br /> <br/>&raquo;&nbsp;हालांकि गैनीमेडे के समुद्र के तापमान या गहराई के बारे में अभी जानकारी नहीं है। लिहाजा इस दिशा में और शोध की जरूरत है। <br/><br /> <strong><span style="color:#800000;">क्या होता है ऑरोरे?</span></strong><br /> <br/>&raquo;&nbsp;हमारे सौरमंडल का सबसे बड़ा चांद है गैनीमेडे। यह एकमात्र ऐसा चांद है जिसका अपना चुंबकीय क्षेत्र है। इसके कारण इस पर ऑरोरे दिखाई देते हैं।<br /> <br/>&raquo;&nbsp;ऑरोरे &quot;जगमगाते, गर्म इलेक्ट्रिफाइड गैसों के फीते&quot; जैसा होता है जो चंद्रमा के उत्तरी और दक्षिणी ध्रुवों पर दिखाई देता है।<br /> <br/>&raquo;&nbsp;गैनीमेडे बृहस्पति के काफी करीब है। इसके कारण जब बृहस्पति के चुंबकीय क्षेत्र में बदलाव होता है तो गैनीमेडे के ऑरोरे में भी बदलाव आ जाता है।<br /> <br/>&raquo;&nbsp;गैनीमेडे पर पानी की मौजूदगी को लेकर 1970 से ही अटकलें लगाई जा रही थी। 2002 में नासा के गैलीलियो मिशन ने यहां चुंबकीय क्षेत्र का पता लगाया था। इससे पहली बार यहां जीवन की संभावनाओं को बल मिला था। <br/><br /> <strong><span style="color:#800000;">भविष्य की योजना</span></strong><br /> <br/>&raquo;&nbsp;यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने 2022 में बृहस्पति ग्रह के लिए एक यान भेजने की योजना बना रखी है। यह यान आठ सालों तक ग्रह का चक्कर लगाएगा और इसके तीन बड़े चंद्रमाओं को भी पास से जानने की कोशिश करेगा।<br /> <br/>&raquo;&nbsp;नासा इसके लिए रडार का निर्माण कर रहा है, जिससे इन चंद्रमाओं की बर्फीली सतह को भेदकर उसके भीतर छुपी चीजों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।<br />

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