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नवाचार: प्रगति और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण

&raquo;&nbsp;नवाचार प्रगति और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है। नवाचार की प्रक्रिया से समाज में ज्ञान और आर्थिक समृद्धि आती है।<br /> <br/>&raquo;&nbsp;इससे योग्यता को प्रोत्साहन मिलता है और समाज में जीवन की गुणवत्ता में विकास होता है।<br /> <br/>&raquo;&nbsp;भारत में ज्ञान की बेहद समृद्ध परम्परा रही है। हमारी ज्ञान-प्रद्धति अनुसंधान को जमीन से प्रयोगशाला और प्रौद्योगिकी को प्रयोगशाला से जमीन पर ले जाने का पर्याप्त अवसर देती है।<br /> <br/>&raquo;&nbsp;पारम्परिक ज्ञान अर्जनकर्ताओं के सक्रिय सहयोग से स्वेदशी ज्ञान के विशाल भंडार का बचाव, दस्तावेजीकरण और संरक्षण महत्वपूर्ण है।<br /> <br/>&raquo;&nbsp;भारत में जमीनी स्तर के नवाचारों की एक दीर्घकालिक परम्परा रही है। इस देश के आम लोगों ने समय &ndash; समय पर अपनी रोजमर्रा की कठिनाइयों का सामना करने के लिए नवीन समाधान ढूंढे हैं। इन नवाचार के ध्येय को मूलभूत उत्तरजीवित्ता से लेकर विकास की प्रेरक शक्ति जैसे कई कारक प्रभावित करते हैं। विभिन्न क्षेत्रों में विभिन्न वर्गों तथा हमारे समाज के विभिन्न स्तरों पर नवाचार क्षमता के दोहन के लिए एक स्वस्थ पारिस्थितिकी प्रणाली की जरूरत है।<br /> <br/>&raquo;&nbsp;देश में औपचारिक और अनौपचारिक क्षेत्रों को आपस में संबद्ध करने के लिए तकनीकी, वित्तीय और शिक्षण क्षेत्र के अग्रणी तथा आम जन एवं युवा छात्रों की रचनात्मकता को साथ लाना होगा।<br /> <br/>&raquo;&nbsp;हमारे देश में नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बनने की पूरी क्षमता है। इस दिशा में उत्साहवर्धक प्रयासों के बावजूद हमारे देश अभी पीछे बना हुआ है।<br /> <br/>&raquo;&nbsp;ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स-2014 में भारत 76वें पायदान पर था जबकि चीन हमसे आगे 29वें पायदान पर।<br /> <br/>&raquo;&nbsp;इस इंडेक्स में रूस 49वें स्थान पर था जबकि ब्राजील भी 61वें स्थान पर रहकर हमसे बेहतर स्थिति में रहा।<br /> <br/>&raquo;&nbsp;गरीबी दूर करने, रोजगार बढ़ाने तथा समाज को स्वस्थ, खुशहाल एवं सामंजस्यपूर्ण बनाने के स्वदेशी समाधान खोजने जारी रखना आवश्यक है।</p> <p> <br /> <strong><span style="color:#800000;">आवश्यकता है :-</span></strong><br /> - एक तरफ जमीनी स्तर के अन्वेषकों और दूसरी तरफ शैक्षणिक संस्थानों एवं बाजार ताकतों के बीच संपर्कों के लिए एक समावेशी पारिस्थितिकी प्रणाली के सृजन की जरूरत है। ऐसे नेटवर्क का निर्माण करने वाले देश अन्वेषणों में अग्रणी रहे हैं।<br /> - युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। छात्रों को आम आदमी की जरूरतों को महसूस करने एवं नवाचार के अन्वेषण, विस्तार और प्रचार के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।<br /> - भारत तथा विदेशों में कंपनियों एवं विद्यालयों के साथ साझेदारी के द्वारा हमारे जमीनी स्तर के अन्वेषक एक अलग प्रकार के वैश्विकीकरण को प्रेरित कर सकते हैं। जमीनी स्तर के ज्ञान एवं रचनाशीलता पर आधारित उत्पाद और सेवाएं किफायती, सहज तथा जिम्मेदार तरीके से वैश्विक बाजारों में पहुंचेंगे।<br /> &nbsp;</p>

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