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सरकार ने भूमि अधिग्रहण (संशोधन) विधेयक में नौ संशोधन लोकसभा में स्वीकारे

&raquo;&nbsp; केंद्र सरकार ने भूमि अधिग्रहण (संशोधन) विधेयक में नौ संशोधन सुझाए जो लोकसभा में अपना लिए गए.<br /> &raquo;&nbsp;इनका मक़सद विपक्षी दलों और किसान संगठनों की कुछ मांगों को मानना था और नौ संशोधनों के साथ बिल लोकसभा में पारित हुआ.<br /> <br/> <strong><span style="color:#800000;">सरकार इन 9 अहम बातों पर राज़ी</span></strong><br/> <p style="margin-left: 40px;"> <br /> 1. सरकार सामाजिक आधारभूत सुविधाओं मसलन - स्कूल और अस्पताल के लिए ज़मीन लेने से पहले 70 फ़ीसदी किसानों की पूर्व अनुमति लेने को ज़रूरी बनाने पर राज़ी हो गई है.<br /> 2. जिन सामाजिक सुविधाओं के लिए ज़मीन दी जाएगी, उनका समाज पर क्या असर पड़ा, इसके आकलन को ज़रूरी बनाने पर भी सरकार सहमत हो गई है.<br /> 3. जिन किसानों की ज़मीन ली जाएगी, उनकी शिकायतों को दूर करने की बेहतर व्यवस्था और ज़मीन अधिग्रहण से बेरोज़गार हुए लोगों के रोज़गार की व्यवस्था करने से जुड़े संशोधन को भी सरकार ने स्वीकार कर लिया है.<br /> 4. सरकार इस पर भी राज़ी हो गई कि किसी परियोजना के लिए कम से कम ज़मीन का अधिग्रहण हो और कितनी ज़मीन ली जाए, यह राज्य सरकार ही तय करे.<br /> 5. इसके अलावा औद्योगिक गलियारों का क्षेत्रफल तय करने संबंधी संशोधन को सरकार ने स्वीकार कर लिया है ताकि उन्हें अपनी मर्जी के मुताबिक़ ज़मीन लेने की छूट न मिल जाए.<br /> 6. निजी परियोजना की परिभाषा बदलने पर भी सरकार तैयार है ताकि कोई इस सुविधा का ग़लत फ़ायदा न उठा ले.<br /> 7. राष्ट्रीय राजमार्गों और रेलवे लाइनों के दोनों तरफ एक-एक किलोमीटर तक ही ज़मीन का अधिग्रहण किया जा सकेगा.<br /> 8. किसानों को अपने ज़िले में शिकायत या अपील करने का अधिकार होगा.<br /> 9. बंजर ज़मीन का अलग रिकॉर्ड रखा जाएगा.<br /> &nbsp;</p>

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