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केंद्र प्रायोजित योजनाओं के लिए नीति आयोग बनाएगा कार्य

&raquo;&nbsp; केंद्र प्रायोजित योजनाओं में बदलाव के लिए नीति आयोग एक कार्य समूह का गठन करेगा। यह कार्य समूह करीब दर्जनभर मुख्यमंत्रियों के सुझावों को संज्ञान में लेकर इस बात का फैसला करेगा कि केंद्र प्रायोजित योजनाओं का कितना फीसद खर्च केंद्र उठाए और कितना फीसद राज्य सरकारें।<br /> <br/>&raquo;&nbsp; साथ ही कार्य समूह इस बात पर भी विचार करेगा कि किन योजनाओं को जारी रखा जाए और किन-किन योजनाओं को बंद किया जाए।<br /> <br/>&raquo;&nbsp;नीति आयोग के मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता वाले उप-समूह की पहली बैठक में शुक्रवार को इस बात का फैसला किया गया।<br /> <br/>&raquo;&nbsp;उप-समूह ने नीति आयोग की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सिंधुश्री खुल्लर की अध्यक्षता में एक कार्य समूह का गठन किया है। यह समूह बैठक में आए सुझावों पर विचार करेगा।<br /> <br/>&raquo;&nbsp;उप-समूह की 27 अप्रैल को होने वाली अगली बैठक में कार्य समूह की रिपोर्ट पर विचार किया जाएगा। हालांकि, इससे पहले वह 16 अप्रैल को केंद्र सरकार के उन विभागों के अधिकारियों से मिलेंगे जो केंद्र प्रायोजित योजनाओं का क्रियान्वयन कर रहे हैं।<br /> <br/>&raquo;&nbsp;14वें वित्त आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी 32 से बढ़कर 42 फीसद हो गई है। इसलिए केंद्र प्रायोजित योजनाओं के फंडिंग पैटर्न में बदलाव की जरूरत पड़ी है।<br /> <br/>&raquo;&nbsp;इसके अलावा कई राज्यों ने केंद्र प्रायोजित योजनाओं के दिशा-निर्देशों में भी लचीलापन लाने की वकालत की है।<br /> <br/>&raquo;&nbsp;केंद्र प्रायोजित योजनाओं के फंडिंग का स्वरूप बदलने पर कई राज्यों ने नाखुशी भी व्यक्त की है। इन राज्यों का कहना है कि इससे उन्हें नुकसान होगा। हालांकि यह बात अलग है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री केंद्र प्रायोजित योजनाओं को खत्म करने की बहुत समय से मांग करते रहे हैं।<br /> <br/>&raquo;&nbsp;लेकिन अब केंद्र ने कुछ योजनाओं की फंडिंग रोक कर केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी बढ़ाकर अधिक फंड जारी हो तो राज्य इस पर भी नाखुशी जता रहे हैं।<br /> मुख्य बातें<br /> <br/>&raquo;&nbsp;प्रधानमंत्री ने आठ फरवरी को नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक के बाद किया था चौहान की अध्यक्षता में उप समूह का गठन।<br /> <br/>&raquo;&nbsp;कुल 10 राज्यों के मुख्यमंत्री और अंडमान और निकोबार द्वीप के उपराज्यपाल हैं शामिल।<br />

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