Current Details

जलमार्ग में तब्दील की जाएंगी 101 नदियां; आर्थिक विकास के लिए जल परिवहन को बढ़ावा

&bull;&nbsp;आर्थिक विकास के लिए जल परिवहन को बढ़ावा देने को बढ़ावा देने की जरूरत पर बल देते हुए सरकार ने देश की 101 नदियों को जलमार्गों में तब्दील करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।<br/> &bull;&nbsp;केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग और जहाजरानी मंत्रालय की पहली प्राथमिकता जलमार्गों का विकास करना है।<br/> &bull;&nbsp;केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग और जहाजरानी मंत्रालय ने देश की 101 नदियों को जलमार्गों के तौर पर विकसित करने का लक्ष्य रखा है। जलमार्ग परिवहन का काफी सस्ता तरीका होते हैं। इस संबंध में विधेयक के जरिये संसद की मंजूरी ली जाएगी।&nbsp;<br/> &bull;&nbsp;अब तक सरकार ने सिर्फ छह नदियों के कुछ हिस्सों को जलमार्ग घोषित किया है।&nbsp;<br/> &bull;&nbsp;55 नदियों के लिए सलाहकार नियुक्त कर दिए गए हैं और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है।&nbsp;<br/> &bull;&nbsp;सभी परियोजनाएं सार्वजनिक निजी भागीदारी के आधार पर लागू की जाएंगी।<br/> &bull;&nbsp;परिवहन का सस्ता जरिया होने के बावजूद देश में अभी जलमार्ग क्षेत्र की संभावनाओं का पर्याप्त दोहन नहीं हो सका है। सड़क और रेल परिवहन की तुलना में इसकी लागत कम होने के कारण यह अर्थव्यवस्था को खासी गति प्रदान कर सकता है।<br/> &bull;&nbsp;केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग और जहाजरानी मंत्रालय सड़कों पर दबाव कम करने के लिए जलमार्ग क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।&nbsp;<br/> &bull;&nbsp;इस क्षेत्र में ढुलाई की लागत महज 50 पैसे प्रति किमी है, जबकि रेल मार्ग पर यह लागत एक रुपये और सड़क मार्ग पर 1.5 रुपये प्रति किमी है।<br/> &bull;&nbsp;देश में करीब 14,500 किमी लंबे जलमार्ग निर्मित किए जाने की संभावनाएं हैं।<br/> &bull;&nbsp;सरकार नदियों को जलमार्ग के रूप में तब्दील करने के साथ ड्राइ व सेटेलाइट पोर्ट स्थापित करने की परियोजनाएं और प्रधानमंत्री जलमार्ग योजना लांच करने का निर्णय ले चुकी है।&nbsp;<br/> &bull;&nbsp;भारत के आयात-निर्यात संबंधी माल की 90 फीसद ढुलाई जहाजों के जरिये होती है लेकिन इसमें घरेलू कार्गो क्षेत्र की हिस्सेदारी महज 10 फीसद है।

Back to Top