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बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाने संबंधी विधेयक संसद में पास

&bull;&nbsp;मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की मदद से केंद्र की मोदी सरकार ने आर्थिक सुधारों की दिशा में पहली बड़ी बाधा पार कर ली।&nbsp;<br/><br/> &bull;&nbsp;बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाने संबंधी विधेयक को संसद के दोनों सदनों की मंजूरी मिल गई।<br/><br/> &bull;&nbsp;राजग सरकार की आर्थिक सुधार नीतियों के लिए यह एक जबरदस्त कामयाबी है। लोकसभा से बीमा कानून (संशोधन) विधेयक-2015 पहले ही पारित हो चुका है। राज्यसभा की मंजूरी के बाद इसकी अंतिम बाधा भी खत्म हो गई है। <br/><br/> &bull;&nbsp;इससे घरेलू बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा मौजूदा 26 फीसद से बढ़ाकर 49 फीसद करने का रास्ता साफ हो गया है।&nbsp;<br/><br/> &bull;&nbsp;अब कई विदेशी बीमा कंपनियां भारत में अपना निवेश बढ़ाने का एलान कर सकती हैं।<br/><br/> &bull;&nbsp;नए कानून में यह व्यवस्था की जा रही है कि कंपनियां प्रीमियम लेकर बाहर नहीं जा पायेगी।&nbsp;<br/><br/> &bull;&nbsp;सरकारी क्षेत्र की बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम को भी सरकार मजबूत करने का भरोसा दिया।<br/><br/> &bull;&nbsp;बीमा कानून (संशोधन) विधेयक पारित होने के साथ ही बीमा कानून-1938, साधारण बीमा (राष्ट्रीयकरण) विधेयक-1972 और बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण विधेयक-1999 में भी संशोधन कर दिया गया।<br/><br/> <strong><span style="color:#800000;">&quot;पेंशन क्षेत्र में भी बढ़ेगा निवेश&quot;</span></strong><br/><br/> &bull;&nbsp;बीमा में एफडीआई सीमा बढ़ने के साथ ही अब पेंशन क्षेत्र में भी निवेश बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार ने पेंशन में एफडीआई की सीमा को बीमा क्षेत्र से जोड़ रखा है। यानी विदेशी निवेश की जो सीमा बीमा में होगी वही पेंशन में होगी।<br/><br/> &bull;&nbsp;अभी तक पेंशन देने वाली विदेशी कंपनियों ने भारतीय बाजार को खास तवज्जो नहीं दी है, लेकिन अब 49 फीसद निवेश की इजाजत मिलने के बाद वह इस ओर ध्यान दे सकती हैं।<br/><br/> <strong><span style="color:#800000;">एफडीआई बढ़ने के फायदे :-</span></strong></div> <div style="margin-left: 40px;"> 1. 60 हजार करोड़ रुपये तक का आएगा विदेशी निवेश</div> <div style="margin-left: 40px;"> 2. ज्यादा लोगों को मिलेगा बीमा का कवरेज</div> <div style="margin-left: 40px;"> 3. नई पॉलिसियां लेकर आएंगी विदेशी कंपनियां</div> <div style="margin-left: 40px;"> 4. बीमा क्षेत्र में नई नौकरियों की आएगी बहार</div> <div style="margin-left: 40px;"> 5. ढांचागत क्षेत्र के विकास के लिए मिलेगा ज्यादा फंड</div> <div style="margin-left: 40px;"> 6. पेंशन क्षेत्र में भी बढ़ेगी विदेशी निवेश की सीमा</div> <div> &nbsp;</div>

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