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विभिन्न राज्यों में वन क्षेत्र

<p> &raquo;&nbsp; ISFR-2013 में ISFR-2011 की तुलना में वनावरण में सर्वाधिक वृद्धि पश्चिम बंगाल में (3810 वर्ग किमी.) में तथा सर्वाधिक कमी नगालैंड (274 वर्ग किमी.) में हुई है।<br /> <br /> &raquo;&nbsp; ISFR-2013 के अनुसार, क्षेत्रफल की दृष्टि से सर्वाधिक वनावरण वाले 5 राज्य क्रमशः मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र एवं ओडिशा हैं जबकि क्षेत्रफल की दृष्टि से सर्वाधिक वनावरण वाले 5 संघीय क्षेत्र क्रमशः अंडमान व निकोबार, दादरा व नगर हवेली, दिल्ली, पुडुचेरी तथा लक्षद्वीप हैं।<br /> <br /> &raquo;&nbsp; सर्वाधिक वनावरण प्रतिशतता वाले 5 राज्य/संघीय क्षेत्र क्रमशः मिजोरम (90.38%) लक्षद्वीप (84.56%), अंडमान व निकोबार द्वीप समूह (81.36%) अरुणाचल प्रदेश (80.39%) तथा नगालैंड (78.68%) हैं।&nbsp;<br /> <br /> &raquo;&nbsp; सर्वाधिक वनावरण प्रतिशतता वाले भारत के 5 राज्य क्रमशः मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मेघालय एवं मणिपुर हैं&nbsp;<br /> <br /> &raquo;&nbsp; जबकि न्यूनतम वनावरण प्रतिशतता वाले भारत के 5 राज्य क्रमशः पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश एवं बिहार हैं।<br /> <br /> &raquo;&nbsp;सर्वाधिक वनावरण प्रतिशतता वाले भारत के 4 संघीय क्षेत्र क्रमशः लक्षद्वीप, अंडमान व निकोबार, दादरा व नगर हवेली तथा चंडीगढ़ हैं।&nbsp;<br /> <br /> &raquo;&nbsp; वृक्षावरण की दृष्टि से ISFR-2013 में सर्वाधिक क्षेत्रफल वाले 5 राज्य क्रमशः महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, जम्मू एवं कश्मीर तथा आंध्र प्रदेश हैं जबकि न्यूनतम क्षेत्रफल वाले 5 राज्य क्रमशः सिक्किम, त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर एवं गोवा हैं।&nbsp;<br /> <br /> &raquo;&nbsp;भौगोलिक क्षेत्र के प्रतिशत के रूप में सर्वाधिक वृक्षावरण वाले 5 राज्य क्रमशः गोवा, केरल, गुजरात, तमिलनाडु एवं जम्मू एवं कश्मीर हैं। संघीय क्षेत्रों में सर्वाधिक वृक्षावरण प्रतिशत क्रमशः लक्षद्वीप, चंडीगढ़, दमन व दीव तथा दिल्ली में हैं।<br /> <br /> &raquo;&nbsp; कुल वृक्षावरण एवं वनावरण क्षेत्र की दृष्टि से सर्वाधिक क्षेत्रफल वाले 5 राज्य क्रमशः मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा हैं जबकि इसी दृष्टि से भौगोलिक क्षेत्र के सर्वाधिक प्रतिशत वाले 4 राज्य/संघीय क्षेत्र क्रमशः लक्षद्वीप (97.06%), मिजोरम (91.44%), अंडमान एवं निकोबार (81.85%) तथा अरुणाचल प्रदेश (81.18%) हैं।<br /> <br /> <span style="color:#800000;"><strong><u>पहाड़ी जिलों में वनावरण:</u></strong></span><br /> <br /> &raquo;&nbsp;पहाड़ी क्षेत्रों और पश्चिमी घाट विकास कार्यक्रम&rsquo; के लिए योजना आयोग द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुसार समुद्र तल से 500 मीटर से अधिक ऊंचाई (Altitude) वाले तालुका पहाड़ी श्रेणी में आते हैं तथा किसी जिले में ऐसे तालुकाओं का कुल क्षेत्रफल जिले के क्षेत्रफल के आधे से अधिक होने पर वह &lsquo;पहाड़ी जिला&rsquo; (Hill District) कहलाता है।<br /> <br /> &raquo;&nbsp; ISFR-2013 के अनुसार, देश के पहाड़ी जिलों में कुल वनावरण 281,335 वर्ग किमी. (ISFR-2011 के आकलन की तुलना में 40 वर्ग किमी. अधिक) है जो कि इन जिलों के भौगोलिक क्षेत्रफल का 39.75 प्रतिशत है।<br /> <br /> &raquo;&nbsp; उल्लेखनीय है कि अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा एवं उत्तराखंड के सभी जिले पहाड़ी हैं, तथा इन नौ राज्यों में वनावरण इनके समग्र भौगोलिक क्षेत्रफल का 62.86 प्रतिशत है।<br /> <br /> <strong><u><span style="color:#800000;">उत्तर-पूर्वी राज्यों में वनावरण:-</span></u></strong><br /> <br /> &raquo;&nbsp; देश के पूर्वोत्तर भाग के आठ राज्यों नामतः अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम एवं त्रिपुरा में देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र का मात्र 7.98 प्रतिशत भू-भाग है जबकि इनमें देश के कुल वनावरण का लगभग एक-चौथाई भाग स्थित है।<br /> <br /> &raquo;&nbsp; ISFR- 2013 के अनुसार, इन राज्यों में कुल वनावरण 172,592 वर्ग किमी. (ISFR-2011 की तुलना में 627 वर्ग किमी. कम) है जो कि इनके कुल भौगोलिक क्षेत्र का 65.83 प्रतिशत है।<br /> <br /> <img alt="" src="http://www.nirmanias.com/images/vanyamain.jpg" style="width: 504px; height: 864px; float: left;" /></p>

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