Current Details

कार्बन क्रेडिट की तर्ज पर शुरू होगी ट्री- क्रेडिट स्कीम

<p> &raquo;&nbsp;कार्बन क्रेडिट की तर्ज पर केंद्र सरकार किसानों के लिए ट्री क्रेडिट योजना शुरू करने जा रही है।</p> <p> <br /> &raquo;&nbsp; इस योजना के तहत किसानों और निजी भूमि मालिकों को उनकी बेकार पड़ी जमीन पर पेड़-पौधे लगाने पर वित्तीय पोत्साहन मिलेगा। इसके अलावा सरकार 100 स्मार्ट शहर बसाने की योजना के साथ ही ग्रीन सिटी अभियान की भी शुरुआत करेगी।<br /> <br /> &raquo;&nbsp; ट्री-क्रेडिट योजना पर छह-सात अप्रैल को पर्यावरण मंत्रियों के सम्मेलन में राज्यों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा। इस स्कीम का मकसद देश में वृक्ष और वन क्षेत्र बढ़ाना है।<br /> <br /> &raquo;&nbsp; राष्ट्रीय वन नीति 1988 के मुताबिक देश के भौगोलिक क्षेत्र का 33 प्रतिशत हिस्सा बागों एवं वन क्षेत्र के रूप में होना चाहिए। फिलहाल यह आंकड़ा सिर्फ 24 प्रतिशत ही है। इस तरह वन क्षेत्र के संबंध में देश लक्ष्य से काफी दूर है।<br /> <br /> &raquo;&nbsp; वृक्ष और वन क्षेत्र का यह लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है जब वृक्षारोपण को बढ़ावा दिया जाए। इसलिए केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ट्री-क्रेडिट और वन उगाओ योजना तैयार कर रहा है।<br /> <br /> &raquo;&nbsp;इसके तहत किसानों तथा अन्य भू-स्वामियों को जमीन पर पेड़-पौधे लगाने को अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन मिलेगा। योजना के तहत एक ऐसा तंत्र बनाया जाएगा जिसमें ट्री-क्रेडिट सर्टिफिकेट को खरीदा-बेचा जा सके।<br /> <br /> &raquo;&nbsp; देश का बड़ा वन भाग तेजी से क्षीण हो रहा है। इसलिए देश में वन क्षेत्र को बरकरार रखने के लिए भारी भरकम धनराशि की जरूरत भी है। सार्वजनिक क्षेत्र से इसके लिए धन आवंटन में कमी आई है। इसलिए इस काम के लिए निजी क्षेत्र से भी संसाधन जुटाने की कोशिश की जा रही है।<br /> <br /> &raquo;&nbsp; सरकार शहरों की स्थानीय परिस्थिति के मद्देनजर वहां एक वर्ग किलोमीटर, पांच और 10 वर्ग किलोमीटर के हरित क्षेत्र विकसित करेगी।</p> <p> <br /> &raquo;&nbsp; इसके साथ ही मौजूदा पेड़ों को बचाने के प्रयास भी करेगी।<br /> <br /> &raquo;&nbsp; कुछ शहरों में नई पहल करते हुए &quot;ट्री-टूरिज्म&quot; की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी।</p>

Back to Top