Current Details

ऑरविले:- स्मार्ट शहर योजना के लिए मॉडल शहर

<p> &raquo;&nbsp; पुडुचेरी से करीब आठ किलोमीटर उत्तर में बसा ऑरविले सरकार की महत्वाकांक्षी स्मार्ट शहर योजना के लिए मॉडल शहर साबित हो सकता है। ऑरविले में ऐसी कई खूबियां हैं जिनसे सीख लेकर विश्व स्तरीय शहर बसाए जा सकते हैं।</p> <p> <br /> &raquo;&nbsp; सबसे पहली सीख है अक्षय ऊर्जा का इस्तेमाल। शहरों में 24 घंटे बिजली एक समस्या है। लेकिन ऑरविले बायोगैस, सौर और पवन ऊर्जा का इस्तेमाल कर न सिर्फ अपनी जरूरतें पूरी कर रहा है, बल्कि अतिरिक्त बिजली तमिलनाडु सरकार को बेचने की तैयारी कर रहा है। यहां रिहायशी इकाइयों पर लगे सौर ऊर्जा संयंत्रों के अलावा पवन ऊर्जा चालित 40 पंपसेट तथा सौर ऊर्जा चालित 200 पंपसेट भी हैं। साथ ही 75 सोलर कुकर और 25 बायोगैस प्लांट हैं।</p> <p> <br /> &raquo;&nbsp; दूसरी सीख भूमि अधिग्रहण के संबंध में ली जा सकती है। देशभर में जहां जमीन अधिग्रहण के विरोध में किसानों ने प्रदर्शन किए हैं, वहीं ऑरविले में जमीन लेने का तरीका बिल्कुल भिन्न है। ऑरविले कार्य समिति के पदाधिकारी एरिक का कहना है कि ऑरविले अपने विस्तार के लिए यहां के गांवों के किसानों से जमीन खरीदता नहीं, बल्कि उनसे जमीन के बदले जमीन लेता है।</p> <p> <br /> &raquo;&nbsp; स्मार्ट शहर बसाने को तीसरी सीख यहां जल संचयन और कचरा प्रबंधन की व्यवस्था से ली जा सकती है। इस्तेमाल किए गए जल को पूरी तरह पुनःउपयोग में लाया जाता है।</p> <p> <br /> &raquo;&nbsp; रोजगार सृजन की सीख भी ऑरविले से ली जा सकती है। यहां करीब 170 छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाइयां हैं। इनमें हस्तशिल्प, ग्राफिक डिजायन और प्रिंटिंग, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग, कपड़े व फैशन, कंप्य़ूटर सेवाएं, भवन निर्माण और आर्किटेक्ट का काम होता है।</p> <p> <br /> &raquo;&nbsp; ऑरविले ने सुशासन की एक नई शैली गढ़ी है, जिसमें इसके निवासियों की प्रत्यक्ष भागीदारी है। साथ ही कुछ नया करने के लिए यहां एक वैज्ञानिक शोध केंद्र भी है, जहां लगातार अनुसंधान होता रहता है। इसके अलावा इसका अपना टाउन प्लानिंग विभाग है, जो शहर की रूपरेखा तैयार करता है।</p> <p> <br /> <strong>कहाँ है ऑरविले :-</strong><br /> बंगाल की खाड़ी के किनारे कोरोमंडल तट पर ऑरविले की नींव 1968 में मीरा अलफासा ने डाली थी, जिन्हें अरविंदो के अनुयायी &quot;मां&quot; कहते हैं। उस समय यह पठारी भूमि बिल्कुल निर्जन थी, लेकिन आज यहां घनी हरियाली के बीच करीब 20 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में ऑरविले शहर बसा है। ऑरविले में 50 देशों से आए करीब ढाई हजार परिवार रहते हैं।<br /> &nbsp;</p>

Back to Top