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16 जुलाई 1945 को हुई थी नए भूवैज्ञानिक युग की शुरुआत

<p> &raquo;&nbsp; भूवैज्ञानिक और जैविक संकेतों के आधार पर पृथ्वी के इतिहास को युगों, अवधियों और समय में बांटा जाता है।<br /> &raquo;&nbsp; वैज्ञानिकों के एक दल ने 16 जुलाई 1945 को नए भूवैज्ञानिक युग की शुरुआत के तौर पर मान्यता देने की सिफारिश की है। इस तिथि को पहला परमाणु बम परीक्षण किया गया था।<br /> &raquo;&nbsp; इन वैज्ञानिकों के मुताबिक यही वह दिन है जब पृथ्वी के कालखंड में मानव के प्रभुत्व वाले युग यानी &quot;एंथ्रोपोसीन&quot; की शुरुआत हुई। इस परीक्षण के बाद पूरी दुनिया में कृत्रिम रेडियोधर्मिता का प्रसार हुआ।<br /> &raquo;&nbsp; जनसंख्या, कार्बन उत्सर्जन, प्रजातियों के विलुप्त होने, पृथ्वी की गति, कंक्रीट, प्लास्टिक व धातु के उत्पादन में भारी तेजी आई।<br /> -&raquo;&nbsp; कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के विज्ञानी एंथनी बारनोस्की के अनुसार पहले परमाणु परीक्षण के साथ ऐसे समय की शुरुआत हुई, जिसमें मनुष्य उतना ही ताकतवर नजर आता है जितना हिमयुग के समय प्रकृति थी।</p> <p> <br /> <strong>क्या है एंथ्रोपोसीन?</strong><br /> &raquo;&nbsp; ग्रीक के दो शब्दों एंथ्रोपो और सीन से मिलकर एंथ्रोपोसीन बना है। इसका मतलब होता है ऐसा युग जिसमें मानव का प्रभुत्व हो।<br /> &raquo;&nbsp; पहली बार वर्ष 2000 में नोबेल पुरस्कार विजेता वायुमंडलीय रसायनज्ञ पॉल कुटर्जन और मिशीगन यूनिवर्सिटी के जीवविज्ञानी यूजीन स्टोएरमर ने एंथ्रोपोसीन शब्द का इस्तेमाल किया था।<br /> &nbsp;</p>

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