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शहरी कचरे का प्रबंधन:शहरी कचरे से ऊर्जा & खाद

<p> &bull;&nbsp; शहरी प्रबंधन के लिए चुनौती बन चुके शहरी कचरे को ठिकाने लगाने की जगह उसका सदुपयोग करने पर जोर दिया है।</p> <p> <br /> &bull;&nbsp; कचरे से तैयार बिजली से शहर जगमगा जाएंगे।</p> <p> <br /> &bull;&nbsp; कारपोरेट, औद्योगिक और व्यापारिक क्षेत्र से शहरों से निकलने वाले कूड़े और कचरे से ऊर्जा, ईंधन, खाद और सीवेज से सिंचाई का पानी तैयार करने की पहल हुई है।</p> <p> <br /> &bull;&nbsp; ठोस कचरा और सीवेज को घटाने, उनकी रिसाइक्लिंग और पुनः उपयोग पर जोर।</p> <p> <br /> &bull;&nbsp; शहरी विकास मंत्रालय इसके लिए घरेलू और विदेशी कंपनियों का चयन करने में जुटे हुए हैं जो न्यूनतम खर्च में कचरे का प्रबंधन करते हुए इनका उपयोग कर सकें।</p> <p> <br /> &bull;&nbsp; दो अहम मसलों, जिसमें स्वच्छ भारत और स्मार्ट सिटी और हेरिटेज सिटी के लिए बुनियादी ढांचा विकसित करना प्रमुख है, के लिए कचड़े का प्रबंधन करना महत्वपूर्ण है ।</p> <p> <br /> &bull;&nbsp; देश के शहरी क्षेत्रों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए कारपोरेट क्षेत्र आगे आना चाहिएI</p> <p> <br /> &bull;&nbsp; देश के पहले और दूसरे दर्जे के शहरों से रोजाना 1.33 लाख टन कचरा निकलता है।</p> <p> <br /> &bull;&nbsp; शहरों के 72 फीसद कचरे का उपयोग गड्ढा भरने और 61 फीसद सीवेज के पानी को बिना साफ किए ही नदियों में बहाया जा रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है।</p> <p> <br /> &bull;&nbsp; कचरे के उचित प्रबंधन से सालाना 440 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा सकता है।</p> <p> <br /> &bull;&nbsp; इसकी खाद से 30 फीसद तक रासायनिक खादों का उपयोग कम हो सकता है।<br /> &nbsp;</p>

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