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धार्मिक आधार पर नहीं बंटेगा तभी सफल रहेगा भारत ओबामा

<p> <span style="color:#800000;">दुनिया में जो शांति हम चाहते हैं, वह मानव हृदय से शुरू होती है</span></p> <p> <br /> &raquo;&nbsp; धार्मिक सहिष्णुता की पुरजोर वकालत करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा कि हर व्यक्ति को बिना किसी उत्पीड़न के अपनी आस्था का पालन करने का अधिकार है और भारत तब तक सफल रहेगा जब तक वह धार्मिक आधार पर नहीं बंटेगा।</p> <p> <br /> &raquo;&nbsp;ओबामा ने अमेरिका में स्वामी विवेकानंद के ब्रदर्स एंड सिस्टर्स आफ अमेरिका से शुरू किये गए ऐतिहासिक संबोधन का उल्लेख करते हुए कहा कि आज वह भी स्वामी विवेकानंद के अंदाज में ब्रदर्स एंड सिस्टर्स आफ इंडिया कहते हुए भारत के लोगों से मुखातिब हो रहे हैं।</p> <p> <br /> &raquo;&nbsp; ओबामा ने कहा कि हर व्यक्ति को उत्पीड़न, डर या भेदभाव के बिना अपने धर्म का पालन करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिकता या अन्य किसी बात के आधार पर बांटने के प्रयासों के खिलाफ हमें सतर्क होना होगा। भारत तब तक सफल रहेगा जब तक वह धार्मिक आधार पर नहीं बंटेगा।</p> <p> <br /> &raquo;&nbsp; भारत में इन दिनों कथित जबरन धर्मांतरण, घर वापसी और धर्मांतरण पर रोक लगाने की चर्चा के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान महत्वपूर्ण है।</p> <p> <br /> &raquo;&nbsp; ओबामा ने कहा, आपका संविधान अनुच्छेद 25 कहता है कि सभी लोगों को अपनी पसंद के धर्म का पालन करने और उसका प्रचार करने का अधिकार है।</p> <p> <br /> &raquo;&nbsp; हमारे दोनों देशों में, सभी देशों में धर्म की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना न केवल सरकार की बल्कि सभी लोगों की सर्वोपरि जिम्मेदारी है।</p> <p> <br /> &raquo;&nbsp; अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, देश तभी सफल होते हैं जब सभी को बराबर के अवसर मिलें। हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, यहूदी, बौद्ध सभी बराबर हैं।</p> <p> <br /> &raquo;&nbsp; गांधीजी ने कहा था कि विभिन्न धर्म एक बाग के विभिन्न फूल हैं।</p> <p> <br /> &raquo;&nbsp;सभी को अपनी पसंद का धर्म अपनाने और उसका अनुपालन करने का अधिकार है। यह सरकार के साथ सभी लोगों की जिम्मेदारी भी है।</p> <p> <br /> &raquo;&nbsp;उन्होंने कहा कि कोई भी समाज इंसान के बुरे पक्ष से अछूत नहीं है और अक्सर धर्म का इस्तेमाल इसके लिए होता है।</p> <p> <br /> &raquo;&nbsp; हर व्यक्ति को अपना धर्म मानने की स्वतंत्रता है। उन्होंने कहा कि हमें संकीर्ण या अन्य आधार पर बांटने के प्रयास के प्रति सतर्क रहना होगा।</p> <p> <br /> &raquo;&nbsp;भारत की धार्मिक एवं सांस्कतिक विविधता का जिक्र करते हुए ओबामा ने युवा छात्रों से कहा कि सभी लोगों को बिना किसी उत्पीड़न के अपनी आस्था का अनुपालन करने या किसी भी आस्था में विश्वास नहीं करने का अधिकार है। भारत में इस अवधारणा का काफी महत्व है।</p> <p> <br /> &raquo;&nbsp; बुनियादी मूल्यों को बनाये रखने के लिए यह बहुत आवश्यक है।</p> <p> <br /> &raquo;&nbsp; देशों में समानता के कारकों को रेखांकित करते हुए कहा, हमारी विविधता हमारी ताकत है। साथ ही भारत और अमेरिका दोनों को संकीर्ण और अन्य बातों से बांटने के प्रयासों के प्रति सचेत रहना चाहिए।</p> <p> <br /> &raquo;&nbsp; अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, अगर हम इस तरह से अच्छा करते हैं, और अगर अमेरिका अपनी विविधता के साथ एक रहने, साक्षा प्रयासों एवं साक्षा उद्देश्यों के लिए मिलकर काम करने को एक उदाहरण के रूप में पेश करता है और भारत अपनी विशाल विविधताओं और विभिन्न मतों के साथ लोकतंत्र को लगातार आगे बढ़ाने में सक्षम है तो वे हर देश के लिए उदाहरण हैं।</p> <p> <br /> &raquo;&nbsp; यही बात है जो हमें विश्व का नेता बनाती है । यह केवल हमारी अर्थव्यवस्था के आकार या हमारे हमारे पास कितने हथियार हैं इससे नहीं बल्कि हमारे साथ मिलकर काम करने और रास्ता दिखाने की हमारी काबलियत से ऐसा है।</p> <p> <br /> &raquo;&nbsp;अल्पसंख्यक के रूप में अमेरिका में अपने अनुभवों को याद करते हुए ओबामा ने कहा कि उन्हें आसाधारण अवसर मिले लेकिन मेरे जीवन में ऐसे भी लम्हे आए जब मेरी चमड़ी के रंग के कारण मेरे साथ अलग तरह से बर्ताव किया गया।</p> <p> &nbsp;</p> <p> <span style="color:#800000;">&nbsp;दुनिया में जो शांति हम चाहते हैं, वह मानव हृदय से शुरू होती है।</span><br /> &nbsp;</p>

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