Current Details

पांचवी पीढ़ी के लडाकू विमान पर काम करेगा भारत

<div> &raquo;&nbsp; भारत अपने स्वयं के पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान (एफजीएफए) के विकास परियोजना को इस वर्ष शुरू करेगा। इन विमानों का निर्माण स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान &#39;तेजस&#39; के विकास दौरान प्राप्त की विशेषज्ञता के आधार पर किया जाएगा।</div> <div> &nbsp;</div> <div> &raquo;&nbsp; भविष्य के लड़ाकू विमानों की प्रारंभिक डिजाइन का चरण, जिसे एडवांस मीडियम कॉम्बेट एयरक्राफ्ट (एएमसीए) कहा जाएग, भारतीय वायु सेना, डीआरडीओ और एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी के बीच सहयोग से अब खत्म हो गया है।</div> <div> &nbsp;</div> <div> &raquo;&nbsp; अगले कुछ महीनों में जब परियोजना की व्यवहार्यता पूरी हो जाएगी, तो रक्षा मंत्रालय मंजूरी के लिए इसे कैबिनेट कमेटी में ले जाएगी। इसके शुरुआती डिजाइन और विकास के चरण के लिए चार हजार से पांच हजार करोड़ रुपए की जरूरत होगी।</div> <div> &nbsp;</div> <div> &raquo;&nbsp; दो इंजन वाले एएमसीए के प्रोटोटाइप को 2023-2024 तक उड़ाने के लिए तैयार करने का लक्ष्य है। ये वह समय होगा, जब तेजस मार्क-टू फाइटर विमान की डिलीवरी हो रही होगी।</div> <div> &nbsp;</div> <div> &raquo;&nbsp; भारतीय वायुसेना को इस वर्ष मार्च में पहला तेजस मार्क-वन विमान मिल जाएगा।</div> <div> &nbsp;</div> <div> &raquo;&nbsp; गौरतलब है कि 30 वर्ष पहले अगस्त 1983 में हल्के लडा़कू विमान (एलसीए) की परियोजना को मंजूर किया गया था। मगर, अधिक शक्ितशाली इंजन वाले तेजस मार्क-टू जेट विमान सेना को वर्ष 2021-2022 तक मिलना शुरू हो सकेंगे।</div> <div> &nbsp;</div>

Back to Top