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फिर हम बैक्टीरिया में दवाओं के खिलाफ प्रतिरोधक शक्ति पैदा होने से कैसे रोकें

<div> &raquo;&nbsp; पहली बात तो यह कि एंटीबायोटिक्स तभी लें जब यह पक्का हो जाए कि रोग बैक्टीरिया के इन्फेक्शन से ही है।</div> <div> &nbsp;</div> <div> &raquo;&nbsp; जरूरी हो तो जांच के द्वारा इसे सुनिश्चित कर लें। फिर जिस बैक्टीरिया का संक्रमण है उसी के मुताबिक दवा का चयन हो। यह फैसला डॉक्टर कर सकता है। यानी मनमाने ढंग से ये दवाएं लेना घातक हो सकता है।&nbsp;</div> <div> &nbsp;</div> <div> &raquo;&nbsp; शरीर के वजन के हिसाब के अनुसार डोज लेना चाहिए।</div> <div> &nbsp;</div> <div> &raquo;&nbsp; जल्दी-जल्दी एंटीबायोटिक दवाएं बदलने और एंटीबायोटिक दवाओं से लंबे उपचार को हतोत्साहित किया जाना चाहिए।</div> <div> &nbsp;</div> <div> &raquo;&nbsp; हाल ही में एक अध्ययन में पता चला है कि पोल्ट्री इंडस्ट्री में बड़े पैमाने पर एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसका मानव शरीर पर घातक असर पड़ सकता है। आइए, एंटीबायोटिक दवाओं के ज्यादा इस्तेमाल के खिलाफ समाज में जागरूकता फैलाएं। अनावश्यक जैव प्रतिरोधक दवाएं लेने से बचें।&nbsp;</div> <div> &nbsp;</div> <div> &raquo;&nbsp; जल्दी स्वस्थ होने की उम्मीद में अपने डॉक्टर पर इन दवाओं का इस्तेमाल करने के लिए जोर न डालें या अपनी मर्जी से दवा की दुकानों से खरीद कर इनका इस्तेमाल न करें। यह भी जरूरी है कि आपके डॉक्टर ने एंटीबायोटिक्स का जितना डोज बताया है और जितनी अवधि तक लेने को कहा है, उतना ही इस्तेमाल करें।&nbsp;</div> <div> &nbsp;</div> <div> &raquo;&nbsp; सबसे बड़ी बात, अपनी बची हुई दवाएं किसी और को न दें।</div> <div> &nbsp;</div>

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