ट्रिप्स (टीआरआईपीएस) एक करार में निम्नलिखित श्रेणी की बौद्धिक सम्पदा शामिल हैं

1. कॉपीराइट और संबंधित अधिकार - ये ऐसे अधिकार हैं जो कानून द्वारा साहित्यिक, नाटकीय, संगीतीय और कलात्मक कार्यों और सिनेमाटोग्राफ फिल्मों एवं ध्वनि रिकॉर्डिंग के निर्माताओं को दिए जाते हैं।
»  यह अधिकारों का एक बंडल है जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ, पुनरुत्पादन, जनसमूह को सूचित करने, कार्य का अनुकूलीकरण और अनुवाद के अधिकार शामिल हैं।
»  कॉपीराइट का विस्तार अभिव्यक्तियों के लिए किया जाएगा न कि विचारों प्रक्रियाओं, प्रचालन की विधियों या गणितीय अभिकल्पनाओं के लिए किया जाएगा। डाटा या अन्य सामग्रियों का संकलन चाहे मशीन द्वारा पाठ्य या अन्य रूपों में जो चयन की वजह से या उनके विषय वस्तु की व्यवस्था के कारण बौद्धिक सृजन का निर्माण करते हैं, उनकी रक्षा की जाएगी।
»  सदस्य लेखक और शीर्षक में उनके उत्तराधिकारियों को मूल रूप में या अपने कॉपीराइट कार्यों को जनता के लिए वाणिज्यिक किराए पर देने के अधिकार देने या निषेध करने के अधिकार देंगे। करार में कहा गया है कि निष्पादनकर्ताओं को भी अनधिकृत रिकार्डिंग, पुनरुत्पादन और गतिविधि का सीधे प्रसारण को रोकने का अधिकार होना चाहिए


2. ट्रेड मार्क्स (व्यापार चिन्ह) - कोई प्रतीक या प्रतीकों का मिश्रण जो एक उपक्रम के माल या सेवाओं को अन्य उपक्रमों के माल और सेवाओं से अलग पहचानने में सक्षम हो वह व्यापार चिन्ह का निर्माण करने में सक्षम होगा।
»  पंजीकृत व्यापार चिन्ह का स्वामी को व्यापार के दरम्यान एक समान या माल एवं सेवाओं के उसी प्रकार के प्रतीकों का उपयोग करने के लिए स्वामी की सहमति न लेने वाले सभी तीसरे पक्षों को रोकने का विशिष्ट अधिकार होगा।
» इस प्रकार से करार व्यापार के चिन्ह के रूप में अर्हक प्रतीकों के प्रकार की रक्षा और उनके स्वामियों को दिए जाने वाले न्यूनतम अधिकारों को पारिभाषित करता है। इसमें यह कहा गया है कि सेवा चिन्हों की रक्षा उसी तरह की जाए जैसे कि माल के लिए प्रयुक्त व्यापार चिन्हों की रक्षा की जाती है। ऐसे चिन्ह जो देश विशेष में सुविख्यात हो गए हैं, उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा दी जाए।


3. भौगोलिक संकेत - ये ऐसे संकेत हैं जो सदस्य देश के क्षेत्राधिकार में सृजित माल के रूप में अभिचिन्हित करते हैं, या उस क्षेत्र के प्रदेश या स्थान में सृजन का संकेत देते हैं जहां गुणवत्ता, ख्याति और अन्य विशेषताएं जो माल की होती हैं अपने भौगोलिक मूल को अनिवार्य रूप से परिलक्षित करती हैं।
» करार के तहत सदस्य इच्छुक पक्षों को निम्नलिखित का निषेध करने के कानूनी उपाय प्रदान करेंगे :-

(i) माल के विशेष विवरण या प्रस्तुतीकरण में किसी साधन का उपयोग जो यह निर्दिष्ट करता है कि प्रश्नाधीन माल वास्तविक सृजन स्थान को छोड़कर ऐसे भौगोलिक क्षेत्र में उत्पन्न होता है जो माल के भौगोलिक उत्पादनकरता है। के रूप में जनता को गुमराह करता है;

(ii) कोई उपयोग जो करार के अर्थ के अधीन पक्षपात प्रतिस्पर्द्धा के कार्य का निर्माण


4. पेटेन्ट – ये देश द्वारा आविष्कारक को दिए जाने वाले विशिष्ट अधिकार है, अविष्कार को उपयोग, विनिर्माण और विपणन जो नवीनता, पुररूद्धारता और उपयोगिता को संतुष्ट करता है।
»  ऐसे किसी भी अविष्कार के लिए पेटेन्ट उपलब्ध होगा चाहे वह उत्पाद हो या प्रक्रियाएं, प्रौद्योगिकी के सभी क्षेत्रों में यह उपलब्ध होगा।
»  सदस्यों को पेटेन्ट एकत्व अधिकारिता से अलग रखा जा सकता है :-

(i) मानव या पशु के उपचार के लिए नैदानिक, चिकित्सीय और शल्य चिकित्सा विधियां;

(ii) सूक्ष्म जीवों को छोड़कर पौधे और पशु और गैर जीवविज्ञानी एवं माइक्रोबायोलॉजिकल प्रक्रियाओं को छोड़कर पौधों और पशुओं के उत्पादन के लिए और गैर जीवविज्ञानी और सूक्ष्म जीवविज्ञानी प्रक्रियाओं को छोड़कर पौधों और पशुओं के उत्पादन के लिए अनिवार्य रूप से जीवविज्ञानी प्रक्रियाएं। पेटेन्ट इसके स्वामी को निम्नलिखित विशिष्ट अधिकार प्रदान करेगा :-


• जहां पेटेन्ट की विषय वस्तु उत्पाद है, तृतीय पक्ष को स्वामी की सहमति के बिना निर्माण, उपयोग, बिक्री करने के लिए देने, बेचने के कार्य या वैसे उत्पादों के आयात करने से रोकना;
• जहां पेटेन्ट की विषय वस्तु प्रक्रिया है, तृतीय पक्ष को स्वामी की सहमति के बिना प्रक्रिया का उपयोग करने के कार्य, उपयोग करने, बिक्री के लिए देने, बेचने या इन प्रयोजनों के लिए आयात करने कम से कम उस प्रक्रिया द्वारा प्राप्त उत्पाद को रोकना।


5. औद्योगिक डिजाइन – इसका तात्पर्य सृजनात्मक क्रियाकलाप से है जिसके परिणाम स्वरूप उत्पाद की सजावट या औपचारिक प्रकटन होता है। परन्तु इसमें कोई प्रणाली या सिद्धांत या निर्माण या कोई ऐसी चीज शामिल नहीं होती जो वस्तुत: केवल एक तकनीकी उपकरण होता है।
» करार के अधीन, सदस्य स्वतंत्र रूप से सृजित औद्योगिक डिजाइन के लिए सुरक्षा मुहैया कराएंगे जो नए एवं मूल रूप से सृजित हैं। सुरक्षित औद्योगिक डिजाइन के स्वामी के पास स्वामी की सहमति के बिना इसे बनाने, बेचने या ऐसी वस्तुओं का आयात करने जिसमें डिजाइन सन्निहित या डिजाइन शामिल हो, जो सुरक्षित डिजाइन की प्रति या वस्तुत: प्रति होती है, और जब ऐसे कार्य वाणिज्यिक प्रयोजनों के लिए किए जाते हैं तो तृतीय पक्ष को रोकने का अधिकार होगा।


6. एकीकृत परिपथ के लिए ले-आउट डिजाइन – करार के अधीन सदस्य एकीकृत परिपथ के ले-आउट डिजाइन (स्थलाकृति) को संरक्षण प्रदान करते हैं।
» सदस्य निम्नलिखित कार्यों को गैर कानूनी मानेंगे यदि अधिकार प्राप्त के अधिकृत किए बगैर किए जाते हैं:- संरक्षित ले-आउट डिजाइन, एकीकृत परिपथ, जिसमें संरक्षित ले-आउट डिजाइन शामिल है या ऐसी वस्तु जिसमें ऐसी एकीकृत परिपथ सन्निहित हो, केवल तब तक, जब यह गैर कानूनी रूप से पुनरुत्पादित ले-आउट डिजाइन समझा जाता है, इसका आयात करना, बेचना या अन्यथा वाणिज्यिक प्रयोजनों के लिए इसका वितरण करना।


7. गुप्त सूचना की सुरक्षा (व्यापार गोपनीयता) – व्यापार की गोपनीयता या गुप्त सूचना वह सूचना है जिसे जान बूझकर गुप्त रखी जाती है और आर्थिक हित के लिए उसका वाणिज्यिक अनुप्रयोग सम्भव होता है। स्वाभाविक और कानूनी व्यक्ति के पास अपने नियंत्रणाधीन कानूनी रूप से सूचना को प्रकट होने से उसे प्राप्त करने, दूसरों के द्वारा बिना अनुमति उसका उपयोग करने जो सच्ची वाणिज्यिक प्रथा के विपरीत हो, उसे रोकने की क्षमता रखते हैं जब तक ऐसी सूचना :-


• इस अर्थ में गुप्त हैं कि यह निकाय के रूप में या सटीक सम्मिश्रण या इसके संघटकों को संघटन में, जो सामान्य रूप से जानी जाती है या उस परिधि के भीतर व्यक्तियों की पहुंच में सरलता से उपलब्ध हो जो प्रश्नाधीन सूचना से संबंधित हैं;
• इसकी वाणिज्यिक मूल्य है क्योंकि यह गुप्त हैं; और
• यह परिस्थितियों के अधीन, कानूनी रूप से सूचना के नियंत्रित करने वाले व्यक्ति द्वारा समुचित कदमों के अधीन हो।


8. संयंत्र की किस्में – सदस्य संयंत्र की किस्मों के लिए सुरक्षा मुहैया कराएंगे या तो पेटेन्ट द्वारा अथवा प्रभावी अद्वितीय प्रणाली द्वारा या किसी सम्मिश्रण द्वारा।
 

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