फायदा कम, नुकसान ज्यादा करती हैं दर्द निवारक गोलियां

» इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने एस्प्रिन और पारासिटामोल जैसी दर्द और बुखार की गोलियां लेने से परहेज करने को कहा है। उसका कहना है कि बगैर डॉक्टर की देखरेख में ऐसी गोलियों का इस्तेमाल लाभ से अधिक नुकसान पहुंचा सकता है।

» आईएमए ने दर्द निवारकों की सुरक्षा और प्रभाव को लेकर गलत धारणाओं पर दिशानिदेश जारी किया है।

» इसके साथ ही सरकार द्वारा आयुष डॉक्टरों द्वारा इस तरह की गोलियां लिखने की इजाजत देने के लिए कदम उठाने का भी विरोध किया है।

» आईएमए ने कहा है कि लीवर, किडनी और दिल पर पड़ने वाले खराब असर को लेकर पिछले कुछ सालों से इस तरह की दवाओं पर लगातार अनुसंधान हो रहा है और इनकी आलोचना की जा रही है।

» आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. एएम पिल्लै ने कहा कि यह आम धारणा है कि डॉक्टर से संपर्क किए बगैर दर्द निवारक के रूप में पारासिटामोल या एस्प्रिन का इस्तेमाल किया जा सकता है।

» उनका कहना है कि पारासिटामोल की दर्द कम करने में बहुत कम भूमिका है। इसका इस्तेमाल दर्द से राहत के बजाय बुखार कम करने में किया जाना चाहिए।

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