सामाजिक व्यवस्था: खराब लिंगानुपात के बीच देश् में अधिक हुए बहुविवाह

» हाल में जारी हुए जनगणना के आंकड़ों पर नजर डालें, तो कुछ अलग ही तस्वीर सामने आती है। देश में 29.3 करोड़ शादीशुदा महिलाएं और 28.7 करोड़ विवाहित पुरुष हैं। यानी साफ है कि कुछ पुरुषों ने बहु विवाह किया है।

» रोजगार के लिए दूसरे जगह काम करने गए शादीशुदा पुरुषों की संख्या भी इसका एक कारण हो सकता है।

» 2011 की जनगणना से संबंधित आंकड़े के अनुसार, देश में पुरुषों के साथ वैवाहिक जीवन बिता रहीं महिलाओं की संख्या 66 लाख ज्यादा है। पिछले 10 वर्षों में 15 वर्ष से कम उम्र की 18 लाख लड़कियों की शादी की गई।

» राजस्थान में सबसे अधिक बाल विवाह हुए। यहां 10 से 14 आयुवर्ग की 40 लाख लड़कियों में से चार फीसद की शादी की गई।

» इसके बाद महाराष्ट्र, गोवा और गुजरात का नंबर आता है, जहां इस आयु वर्ग की करीब तीन फीसद से अधिक लड़कियों की शादी की गई।

» जनगणना के समय देश के 120 करोड़ लोगों में से 58 करोड़ विवाहित थे। इन 58 करोड़ लोगों में से 29.3 करोड़ महिलाएं थी, जबकि 28.7 करोड़ पुरुष थे। इन आंकड़ों में तलाकशुदा, विधवा या अलग हो चुकी जनसंख्या शामिल नहीं है।

» विवाहित पुरुषों और महिलाओं की राज्यवार तुलना करने पर इसमें काम की तलाश में दूसरी जगहों पर गए लोगों का असर भी दिखाई देता है।

» उदाहरण के लिए केरल में हर एक शादीशुदा पुरुष पर 1.13 विवाहित महिला का अनुपात है। इसी तरह उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में भी यह अनुपात 1.04 से 1.07 के बीच है।

» यह ऐसे राज्य हैं जहां से बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर बाहर कमाने के लिए जाते हैं। वहीं, दूसरी तरफ, महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली जैसे राज्यों में महिलाओं की अपेक्षा ज्यादा विवाहित पुरुष हैं। इन राज्यों में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर रोजगार की तलाश में आते हैं।

» आंकड़ों से पता चलता है कि 20-24 की उम्र के बीच 69 फीसद लड़कियों की शादी हुई, जबकि इसी आयु वर्ग के 30 फीसद लड़कों की ही शादी हुई।
- पुरुष और महिला के बीच वैवाहिक आयु वर्ग में अंतर 24 साल की उम्र के बाद समान रूप से धीरे-धीरे घटना शुरू हो जाता है।
 

Back to Top