डिजिटल इंडिया की इबारत लिखने की तैयारी और इसके लाभ

»  केरल का इडुकी देश का पहला ऐसा जिला बन गया है, जहां की सभी पंचायतें बेहद उच्च क्षमता की ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) से जुड़ गई हैं।

»  इन पंचायतों में 100 एमबीपीएस की रफ्तार से सूचनाओं का आदान-प्रदान हो सकेगा।

»  सरकार की योजना अगले तीन वर्षों में देश की सभी 2.50 लाख पंचायतों को ओएफसी से जोड़ने की है। इससे इन गांवों में स्वास्थ्य, शिक्षा, निवेश, बाजार क्षेत्र की आधुनिक सुविधाएं दूर दराज के इलाकों में भी पहुंचाई जाएगी।

 

सरकार की 32,000 करोड़ रुपये की इस योजना को सफल बनाने के लिए कम से कम छह राज्यों ने अपने स्तर पर काम शुरू किया है। 
»  आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, हरियाणा, पंजाब और महाराष्ट्र ने केंद्र की पहल को और बड़े स्तर पर लागू करने का फैसला किया है।

»  केंद्र की योजना अभी सिर्फ पंचायतों को जोड़ने की है, लेकिन ये राज्य अपने स्तर पर पहल कर गांवों के हर घर को ओएफसी से जोड़ने जा रहे हैं। इन सभी छह राज्यों की सभी पंचायतों को ओएफसी से जोड़ने का काम दिसंबर, 2015 तक ही पूरा होने जाने के आसार हैं। 
»  कुछ राज्य घर के नक्शे को तभी मंजूरी देने की तैयारी में है जब उसके साथ ओएफसी लगाने की व्यवस्था भी हो।

 

लाभ :-
»  नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क (एनओएफएन) से अगर सभी ढाई लाख पंचायतें जुड़ जाती हैं, तो इससे देश की 60 करोड़ आबादी सीधे हाई स्पीड इंटरनेट नेटवर्क से कनेक्ट हो जाएगी। 
» इन्हें न सिर्फ तमाम तरह की सरकारी सेवाएं, बल्कि ई-एजुकेशन, ई-हेल्थ, ई-बैंकिंग जैसी सेवाएं भी आसानी से गांवों में उपलब्ध हो सकेंगी।

»  यह ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करेगा। 
» यह ग्रामवासियों को आसानी से उनके जमीन जायदाद का रिकॉर्ड हासिल करने, 
»  जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र हासिल करने, 
»  गांव का डाटाबेस तैयार करने, 
» पंचायत के विकास कार्यक्रम की निगरानी जैसे काम भी हो सकेंगे।
»  गांव की गतिविधियों को शेयर करने या बाहरी तकनीकी को गांव में इस्तेमाल करने का काम भी इससे आसान हो सकेगा।

 

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