चारों महानगरों के बीच बुलेट ट्रेन को हीरक चतुर्भुज योजना

»  सरकार अटल बिहारी वाजपेयी सरकार की स्वर्णिम चतुर्भुज राजमार्गों की तर्ज पर हाईस्पीड हीरक चतुर्भुज रेल गलियारे का निर्माण कर चार प्रमुख महानगरों को बुलेट ट्रेन से जोड़ेगी।


»  इसके अलावा ट्रेनों से फल-सब्जियों की ढुलाई के लिए एग्री रेल नेटवर्क की स्थापना भी सरकार कार्य सूचि में है। इस सबके लिए रेलवे में नए तरीकों से निवेश बढ़ाया जाएगा।


»  सरकार देश में सशक्त बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए सरकार अगले दस सालों में महत्वाकांक्षी कार्यक्रम लागू करेगी। इसके लिए सार्वजनिक-निजी क्षेत्र की भागीदारी (पीपीपी) पर आधारित एक फास्ट ट्रैक प्रणाली विकसित की जाएगी। इसमें रेलवे का आधुनिकीकरण एवं पुनर्गठन सर्वोच्च प्राथमिकता में होगा।


»  सबसे प्रमुख परियोजना दिल्ली-मुंबई-कोलकाता-चेन्नई को बुलेट ट्रेन से जोड़ने वाले हाईस्पीड ट्रेन गलियारे की होगी।


»  इसका नाम हीरक चतुर्भुज परियोजना (डायमंड क्वाड्रीलैटरल प्रोजेक्ट) होगा। इसके अलावा निर्माणाधीन फे्रट कॉरीडोर पर एग्री-रेल नेटवर्क की स्थापना की जाएगी, जिसमें फल-सब्जियों की ढुलाई के लिए वातानुकूलित कंटेनर चलाई जाएंगी।


»  रेलवे में निवेश के लिए वित्तपोषण के नए तरीके ईजाद किए जाएंगे। यही नहीं, मोदी सरकार पर्वतीय तथा पूर्वोत्तर राज्यों में रेल नेटवर्क का विस्तार करेगी। ट्रेनों को दुर्घटनामुक्त बनाने के लिए रेलवे संरक्षा से जुड़ी प्रणालियों का आधुनिकीकरण किया जाएगा। रेलवे में अनुसंधान एवं विकास तथा स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा।


»  इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास में व्याप्त सुस्ती को दूर करने के लिए का राजमार्ग विकास का त्वरित एवं समयबद्ध कार्यक्रम लागू किया जाएगा। विमानन क्षेत्र में छोटे शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने के लिए कम लागत वाले छोटे हवाई अड्डों के विकास पर जोर रहेगा।


»  बंदरगाहों के विकास का नया मॉडल भी विकसित किया जाएगा। इसके तहत समुद्र तटीय क्षेत्रों में प्रमुख नगरों/बंदरगाहों को "भारत की समृद्धि का द्वार" बनाया जाएगा।


»  मौजूदा बंदरगाहों का आधुनिकीकरण होगा। नए विश्र्वस्तरीय बंदरगाह विकसित किए जाएंगे। बंदरगाहों को सड़क व रेल से संबद्ध करने के लिए "सागर माला" परियोजना चलाई जाएगी। इसके अलावा अंतर्देशीय एवं तटीय जलमार्गों का विकास भी किया जाएगा।
 

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