भारत में होगा इको-वेपर टॉयलेट प्रणाली का प्रयोग

»  भारत में नए इको-वेपर टॉयलेट सिस्टम का प्रयोग चल रहा है।
»  इसमें एक ऐसे हवा सोखने वाले फैब्रिक का इस्तेमाल किया जाता है, जो मानव मल को इकट्ठा कर इसमें से वाष्प अणुओं को बाहर निकालकर बाकी पदार्थ को अलग कर देता है। 
»  नमी बाहर हो जाने के कारण बैक्टीरिया आदि का प्रभाव इस बचे पदार्थ पर नहीं होता और यह सड़ने से बच जाता है।
»  अमेरिका के डेलवेयर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर स्टीवन के डेंटल की अगुवाई में एक टीम कई सालों से हवा सोख कर मानव मल से वाष्प को बाहर निकालने वाले फैब्रिक को ईजाद करने में जुटी थी।
»  यह फैब्रिक बिल्कुल स्पोर्ट्स जैकेट और रेनकोट की तरह काम करता है, जिससे केवल वाष्प के बेहद छोटे अणु ही बाहर निकल सकते हैं। 
»  इस प्रोजेक्ट को बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन आर्थिक सहायता मुहैया करा रहा है और इसका इस्तेमाल खासकर भारत जैसे विकासशील देशों के लिए किया जाएगा।
 

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