तापमान बढ़ने के साथ घट रही है गेहूं की उत्पादकता

तापमान बढ़ने के साथ घट रही है गेहूं की उत्पादकता

»  ग्लोबल वॉर्मिंग का असर सिर्फ मनुष्यों और जानवरों पर ही नहीं बल्कि फसलों पर भी हो रहा है।


»  नए शोध में तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने पर गेहूं के उत्पादन में छह फीसद तक गिरावट की बात सामने आई है।


»  तापमान और फसलों के बीच के संबंधों पर फ्लोरिडा विश्वविद्यालय के कृषि विभाग के प्रोफेसर सेंटहोल्ड असेंग के नेतृत्व में 15 देशों के 50 वैज्ञानिकों का दल शोध कर रहा है।


»  इस शोध में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। असेंग ने एक ऐसा कंप्यूटर विकसित किया है जो वैश्विक तापमान में बढ़ोत्तरी और गेहूं के उत्पादन पर उसके असर की सटीक जानकारी देने में सक्षम है।


»  उनके मुताबिक तापमान में वृद्धि की वजह से अधिकांश गेहूं उत्पादक देशों में पहले ही उत्पादन में कमी आ चुकी है।


»  शोधकर्ता पिछले 20 वर्षों से तापमान और गेहूं के संबंधों को जानने में जुटे हैं। वैज्ञानिकों के समूह ने गेहूं की 30 किस्मों का हाल में विकसित मॉडल से परीक्षण किया है।


»  हर मौसम में 15 से 32 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में यह प्रयोग किया गया। नेचर क्लाइमेट चेंज जर्नल में छपे इस शोध में ज्यादा तापमान होने पर भी उतना ही उत्पादन देने वाले गेहूं की किस्म को विकसित करने की सलाह दी गई है।
 

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