नए साल पर मंगलयान ने पूरे किए मंगल ग्रह पर सौ दिन

- मंगल ग्रह तक पहुंचने वाले विशिष्ट देशों के क्लब में भारत को शामिल करने वाले मार्स ऑर्बिटर मिशन "मंगलयान" ने नए साल के पहले दिन लाल ग्रह की कक्षा में अपने 100 दिन के सफर को पूरा किया है। 

 

- कुल 450 करोड़ रुपये लागत के मंगलयान ने करीब दस महीने की यात्रा के बाद पिछले साल 24 सितंबर को मंगल की कक्षा में प्रवेश किया था।  - भारत पहले ही प्रयास में लाल ग्रह पर सफलतापूर्वक मिशन भेजने वाला दुनिया का पहला देश है।

 

- भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का कहना है कि मंगलयान के करीब छह महीने तक अपने मिशन में सक्रिय रहने की संभावना है। हालांकि मंगलयान को ऐसे तैयार किया गया है, कि यह एक वर्ष यानी सितंबर 2015 तक लाल ग्रह पर रह सकता है, लेकिन यह सब उसमें उपलब्ध ईंधन पर निर्भर करेगा।

 

- मंगल के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करने के लिए इसमें पांच वैज्ञानिक उपकरण लगे हैं। 

 

- अमेरिका की प्रतिष्ठित टाइम मैगजीन ने भारत के मंगलयान को साल 2014 के सर्वश्रेष्ठ अविष्कारों में शामिल किया है और देश के इस पहले अंतरग्रहीय मिशन को "द सुपरमार्ट स्पेसक्राफ्ट" की संज्ञा दी है।  

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