टॉयलेट निर्माण और उपयोग की आनलाइन निगरानी

- इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए सरकार के महत्वाकांक्षी स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालयों के निर्माण और उनके उपयोग की निगरानी के लिए एक जनवरी से ऑनलाइन व्यवस्था की शुरुआत की घोषणा की है।

- इस ऑनलाइन व्यवस्था के जरिए सरकार का उद्देश्य 2019 तक भारत को खुले में शौच की दशा से पूरी तरह मुक्त कराने का लक्ष्य हासिल करना है। 

- विभागीय बयान के अनुसार, इसके जरिए शौचालयों की रियल टाइम जानकारी रखी जा सकेगी। अब तक केवल शौचालयों के निर्माण की जानकारी रखी जाती थी, लेकिन अब उनके इस्तेमाल पर भी निगरानी रखी जा सकेगी।

 

=>क्या होगी व्यवस्था

- नई व्यवस्था के जरिए देश में कोई भी अपने मोबाइल फोन, टैबलेट या आइपैड के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय की स्थिति को जांचने में सक्षम होगा। 

- इतना ही नहीं किसी अव्यवस्था की स्थिति में पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय की वेबसाइट पर जानकारी को अपलोड भी किया जा सकेगा।

- स्वच्छ भारत अभियान को गति देने के लिए मंत्रालय की क्षमता को भी बढ़ाया गया है। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी के लिए दो संयुक्त सचिव और अन्य अधिकारियों समेत करीब दो दर्जन अतिरिक्त कर्मचारी मंत्रालय से जुड़ेंगे।

 

=>कचरा प्रबंधन पर विशेषज्ञ समिति:-

- ठोस एवं द्रव कचरे के प्रबंधन की इनोवेटिव तकनीकों के लिए विशेषज्ञों की समिति भी गठित की जाएगी। मंत्रालय की ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति और स्वच्छता से जुड़े मसलों पर टेलीफोन हेल्पलाइन नंबर भी शुरू करने की योजना है।  

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