कंपनी संशोधन बिल लोकसभा में पारित

- लोकसभा ने कंपनी संशोधन विधेयक 2014 को पारित कर दिया।

- सरकार ने व्यापार एवं कारोबार संबंधी माहौल को अधिक सुगम और सुचारु बनाने के लिए कुछ संशोधन के साथ विधेयक को रखा, जिसे सदस्यों ने पारित कर दिया।

- विधेयक से आतंकवाद निरोधक अधिनियम पोटा जैसे दमनकारी प्रावधानों को हटाना था जिनके चलते कंपनी अधिनियम का उल्लंघन करने के आरोपियों के लिए जमानत तक हासिल करना बेहद मुश्किल था। 

- पेश विधेयक में पूर्ववर्ती संप्रग सरकार की ओर से वर्ष 2013 में पारित नए कंपनी कानून के विभिन्न प्रावधानों में 14 बदलाव किए गए हैं।

महत्वपूर्ण बदलाव -

- कारोबार को सरल बनाना, 

- मसौदे की गलतियों को सुधारना, 

- दमनकारी प्रावधानों को हटाकर कारोबार लायक माहौल बनाना शामिल है। 

- औद्योगिक चैंबरों, संस्थाओं, विधि विशेषज्ञों और मंत्रालयों एवं विभागों समेत विभिन्न पक्षों से प्राप्त ज्ञापनों में कारोबार करने में जो कुछ व्यवहारिक कठिनाइयों को सामने लाया गया उनको ध्यान में रख कर संशोधन लाए गए हैं। 

- विधेयक में अवैध तरीके से धन जमा करने की गतिविधि, 

- फर्जी योजनाओं के जरिए लोगों को ठगने जैसी गतिविधियों के संदर्भ में दंड का प्रावधान किया गया है।

- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की रैंकिंग में सुधार के लिए सरकार द्वारा उठाया गया यह महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि विश्व बैंक की ताजा रिपोर्ट में कारोबार के हिसाब से भारत को बेहद निचले स्तर पर 142वें नंबर पर रखा गया है। 

- कंपनी संशोधन विधेयक 2014 को प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की देश को कारोबार के लिए बेहतर स्थल बनाने की पहल का हिस्सा माना जा रहा है।

- विधेयक में जमानत पर रोक, साझा मुहर के विकल्प और अपराधों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतों के अधिकार क्षेत्र संबंधी प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव किया गया है।

- देश में कॉरपोरेट क्षेत्र के संचालन के लिए कंपनी विधेयक 2013 इस वर्ष अप्रैल से प्रभाव में आया था।  

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