अमेरिकी कम्यूनिटी कॉलेज की तर्ज पर चलेंगे पॉलीटेक्निक

- देश में नए तरह के रोजगार के विकल्पों के मुताबिक युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए पॉलीटेक्निक संस्थानों को नया स्वरूप दिया जा रहा है। - अमेरिका के साथ मिलकर इन्हें वहां के कम्यूनिटी कॉलेजों के तर्ज पर विकसित किया जाएगा। यहां उन युवाओं को भी मौका मिल सकेगा, जो अब तक औपचारिक शिक्षा से वंचित रह गए हैं। - पायलट योजना के तहत 35 ऐसे पॉलीटेक्निक संस्थान विकसित किए जा रहे हैं। इन्हें अमेरिकन एसोसिएशन ऑफ कम्यूनिटी कॉलेज (एएसीसी) की साझेदारी में तैयार किया जा रहा है। इनमें विभिन्न कौशल विकास पाठ्यक्रमों को नए स्वरूप में तैयार कर चलाया जाएगा।  - इसके लिए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने एएसीसी के साथ जून, 2013 में ही समझौता किया था। पायलट योजना कामयाब होने के बाद इसे पूरे देश में विस्तार दिया जाएगा। - इस योजना में खास तौर पर ग्रामीण और पिछड़े इलाकों के छात्रों को रोजगारोन्मुख कौशल उपलब्ध कराने पर जोर होगा। - रोजगार की उपलब्धता इन पाठ्यक्रमों का सबसे प्रमुख मकसद होगा। इन पाठ्यक्रमों में उन युवाओं को भी मौका मिलेगा, जिन्होंने कभी औपचारिक शिक्षा हासिल नहीं की है।  - ऐसे छात्रों के लिए अलग से पाठ्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं। व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के सरकार के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए कई नई छात्रवृत्तियां शुरू की जा रही हैं।  - इसी तरह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने इस विषय में स्नातक पाठ्यक्रम भी शुरू कर दिया है। पहली बार शुरू हो रहे "बी वोक" डिग्री पाठ्यक्रम भी जल्दी ही लोकप्रिय होने की उम्मीद है।  

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