कालेधन व सीमा शुल्क गड़बड़ी रोकने को विदेश में खुलेंगी खुफिया इकाइयां"

- कालेधन का कारोबार और सीमा शुल्क धोखाधड़ी रोकने के लिए विदेश में सात खुफिया इकाइयां स्थापित करने का प्रस्ताव है। इनमें दो इकाइयां चीन में प्रस्तावित हैं। - विदेश मंत्रालय के पास सात ओवर्सीज इंटेलीजेंस नेटवर्क (सीओआईएन) इकाइयां बनाने का प्रस्ताव लंबित हैं। - इनमें से तीन इकाइयां कोलंबो (श्रीलंका), ढाका (बांग्लादेश) और बैंकाक (थाइलैंड) प्रस्तावित हैं और इनका मकसद स्पष्ट रूप से नकली भारतीय नोटों की तस्करी पर रोक लगे इस पर ध्यान केंद्रित करना है। - चीन के बीजिंग और गुआंगझू में ऐसी दो इकाइयां स्थापित करने का प्रस्ताव है, क्योंकि भारत और चीन के व्यापार में बहुत तेजी से वृद्धि हो रही है।  - खुफिया विभाग ने कम कीमत दिखाने और डंपिंग रोधी शुल्क मामलों में सहायता की है। - सीमा शुल्क में गड़बडी और तस्करी से जुड़े किसी भी मामले की जांच के लिए खुफिया राजस्व महानिदेशालय (डीआरआई) प्रमुख संस्था है।  - इसने सीओआईए की ब्राजीलिया (ब्राजील) और प्रिटोरिया (दक्षिण अफ्रीका) में भी इकाइयां खोलने का प्रस्ताव दिया है। - इब्सा (भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका) के बढ़ते महत्व को देखते हुए इन दो इकाइयों को खोलने का निर्णय लिया भी जा चुका है। वित्त और विदेश मंत्रालय के बीच इन प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। गृह मंत्रालय ने कोलंबो, ढाका और बैंकाक में तीन सीओआईएन की तीन इकाइयां बनाने का समर्थन किया है। - विदेश मंत्रालय ने भी सैद्धांतिक रूप से चीन के बीजिंग और गुआंगझू में दो इकाइयां गठित करने की सहमति दे दी है।  - अभी दुबई, हांगकांग, काठमांडू, लंदन, न्यूयार्क, मॉस्को, सिंगापुर और ब्रुसेल्स में कुल नौ सीओआइएन की इकाइयां अभी काम कर रही हैं।  

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