मोबाइल सेवा-नागरिकों तक पहुंच

- भारत सरकार की मोबाइल सेवा को सार्वजानिक सेवा प्रदान करने के क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र का लोक सेवा पुरुस्कार प्राप्त हुआ है। आइये जानते है मोबाइल सेवा के बारे में .....

- इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग (डीईआईटीवाई) ने मोबाइल फोन और टैबलेट के जरिये लोगों तक सरकारी सेवाएं पहुंचाने के लिए मोबाइल सेवा नामक पहल शुरू की है।

- डीईआईटीवाई ने मोबाइल उपकरणों द्वारा जन सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए मोबाइल सेवा का विकास किया है।

- मोबाइल सेवा ई-गवर्नेंस के सामान्य बुनियादी ढांचों स्टेट डाटा सेंटर्स (एसडीसी), स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क्स (स्वान) और नेशनल सर्विस डिलीवरी गेटवेस (एसएसडीजी/एनएसडीजी) के साथ एकीकरण के लिए मोबाइल प्लेटफार्म को तैयार करता है।

- इस पहल के तहत मोबाइल गवर्नेंस की रूपरेखा फरवरी 2012 में अधिसूचित की गयी थी। एसएमएस गेटवे का संचालन जुलाई 2011 में शुरु हुआ था। - उस समय से अब तक केन्द्र एवं राज्य सरकार के 850 से अधिक विभाग एसएमएस आधारित सेवाएं प्रदान करने के लिए मोबाइल सेवा का इस्तेमाल कर रहे हैं। और लोगों के विभिन्न मोबाइल आधारित सेवाओं के लिए अब तक 58 करोड़ एसएमएस भेजे गये हैं।

- देश के नागरिक एसएमएस के जरिये अब सीधे सरकारी विभागों के साथ संवाद स्थापित कर सकते हैं।

- नागरिकों और हिस्सेदारों को लघु कोड 166 पर "पुल एसएमएस" के जरिये अब तक 260 जन सेवाएं उपलब्ध करायी गयी हैं ताकि देश भर के सभी सरकारी विभाग राष्ट्र भर में उपलब्ध एक ही नंबर के जरिये अपनी-अपनी गैस आपातकालीन सेवाएं मुहैया करा सकें ये सेवाएं दीर्घ कोड 9223166166 पर भी उपलब्ध हैं।

- लघुकोड के माध्यम से सेवाएं देने वाले दूरसंचार सेवा प्रदाताओं का ब्यौरा मोबाइल सेवा पोर्टल पर उपलब्ध है। 

- डीईआईटीवाई ने मोबाइल सेवा के तहत सरकारी मोबाइल एप्लीकेशऩ स्टोर (एम-एपस्टोर), भी विकसित किये हैं जिन तक WWW.MGOV.GOV.IN के जरिये पहंचा जा सकता है। 

- एम-एपस्टोर पर 240 लाइव मोबाइल एप्लीकेशन मौजूद है जैसे कि निर्वाचन आयोग के लिए लोकेशऩ एप जिसका अपयोग देश में मतदान केन्द्रों का नक्शा बनाने के लिए किया जाता है।  जीआईएसटी हिंदी भाषा और 11 अन्य भारतीय भाषाओं हेयु एंड्रायड उपकरणों के लिए आन स्क्रीन की बोर्ड ड्राइवर और एडिटर एक अन्य उपयोगी एम एप है।

- मोबाइल सेवा के साथ एक मोबाइल पेमेंट गेटवे को भी समाहित किया गया है जिसके जरिये कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते सरकारी सेवाओं के लिए भुगतान कर सकता है।

- यूएसएसडी और आईवीआरएस आधारित सेवाएं भी विकसित की गयी है और फिलहाल प्रोयोगित तौर पर ये सेवाएं दी जा रही हैं। - डीईआईटीवाई स्वतंत्र मानकों और क्लाउड आधारित सौल्यूशंस के आधार पर अपने संगठन सी-डैक के माध्यम से मोबाइल सेवा का विकास कर रहा है।

- मोबाइल उपकरणों के जरिये ज्यादा से ज्यादा नागरिकों तक पहुंचने की सरकारी विभागों की मांगों के मद्देनजर मोबाइल सेवा को राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया गया है।  

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