दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास योजना

- ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा अनुमोदित ग्रामीण युवाओं में दक्षता विकास कार्यक्रम I

- दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास योजना के नाम से प्रारंभ होने वाले इस कार्यक्रम के तहत ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित कर ऐसे कार्यों में दक्ष किया जाएगा, जिनकी मांग विदेशों में है, ताकि उन्हें दुनियाभर में कहीं भी रोजगार प्राप्त हो सके।

 

पढ़ाई के साथ कमाई के होंगे अवसर

- इस कार्यक्रम के अंतर्गत ग्रामीण युवाओं को ऐसे सर्टिफिकेट कोर्स कराए जाएंगे, जिनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता है।

- उदाहरण के लिए इसमें एक "रूरल यूथ इंटर्नशिप प्रोग्राम" होगा, जिसके तहत युवाओं को पढ़ाई के साथ कमाई का अवसर प्रदान किया जाएगा।

- इस प्रोग्राम की खास बात यह है कि इसमें प्रशिक्षित 75 फीसद युवाओं को नौकरी मिलेगी। इस कार्यक्रम में शामिल होने की प्रक्रिया काफी सरल है।

 

दुनिया में 5.30 करोड़ दक्ष लोगों की कमी

- अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक फिलहाल दुनियाभर में 5.30 करोड़ दक्ष लोगों की कमी है। इनमें नर्स, प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन वगैरह शामिल हैं।

- दूसरी ओर भारत में 4.7 करोड़ ऐसे लोग है जिनके पास इन कामों की दक्षता तो है, परंतु नौकरी नहीं है। लिहाजा इन्हें औपचारिक प्रशिक्षण देकर अंतरराष्ट्रीय तौर पर मान्य प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। ताकि ये दूसरे देशों में रोजगार के लिए आवेदन कर सकें।

 

प्रशिक्षण में कैफे कॉफी डे को प्राथमिकता - ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण देने के काम में निजी भागीदारों का सहयोग लिया जाएगा। ये प्रशिक्षण देने के साथ-साथ खुद अपने यहां अथवा देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में रोजगार दिलाने में मदद करेंगे। इसमें कैफे कॉफी डे जैसे प्रतिष्ठानों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो दो साल में कम से कम 10 हजार लोगों को प्रशिक्षण के साथ-साथ नौकरी की गारंटी दे सकते हैं। 15 साल या अधिक उम्र के ग्रामीण युवा यह प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं।  

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