साइबर स्पेस की सुरक्षा की दिशा में भारत सरकार द्वारा उठाये गए कदम

- साइबर सुरक्षा को प्रभावी व समग्र रूप से लागू करने के लि‍ए इलेक्ट्रॉोनि‍क्सि व सूचना प्रौद्योगि‍की वि‍भाग ने एक व्याेपक राष्ट्री य साइबर सुरक्षा रणनीति ‍तैयार की है। देश में साइबर हमलों की बढ़ती आशंकाओं से नि‍पटने के लि‍ए कानूनी, तकनीकी एवं प्रशासनिक कदमों की एक एकीकृत दृष्टिश‍कोण अपनाया जा रहा है।

 

इस मामले में कि‍ए गए पहल की नि‍म्नकलि‍खि‍त वि‍शेषताएं हैं। • साइबर नि‍यमन सलाहकार समि‍ति‍को पुनर्गठि‍त कि‍या गया है और इसे सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधि‍त) अधि‍नि‍यम, 2008 की धारा 88 में अधि‍सूचि‍त कि‍या गया है। 

 

• साइबर सुरक्षा की दृष्टिह‍से राष्ट्रीमय स्त र पर उठाए जा रहे कदमों के एकीकरण और समन्व‍य के उद्देश्यक से राष्ट्री य साइबर सुरक्षा नीति ‍का सार्वजनि‍क उपयोग व सभी शामि‍ल एजेंसि‍यों द्वारा लागू कि‍या जाना।

 

• साइबर सुरक्षा एवं आपतकालीन प्रति‍क्रि‍या से संबंधि‍त सभी मामलों के समन्व य के उददेश्यद से कंप्यूषटर एमरजेंसी रेसपॉन्सू टीम (सीईआरटी-इन) एक नोडल एजेंसी के रूप में दि‍न-रात काम कर रही है। 19,944 से अधि‍क मामलों को सँभाला गया एवं उपयुक्तं सलाह व मुकाबला करने योग्य उपायों को जारी कि‍या गया।

 

• सीईआरटी-इन ने देश में साइबर हमलों व साइबर आतंकवाद का मुकाबला करने के लि‍ए संकट प्रबंधन योजना के अध्यशतन कि‍या है तथा सरकारी एवं महत्व पूर्ण क्षेत्रों में क्रियान्वमयन की दि‍शा में काम कर रहा है। इसके अति‍रि‍क्तं सीईआरटी-इन ने प्रभावी साइबर फारेन्सि‍‍क तथा दुर्भावनापूर्ण कोड के वि‍श्ले षण में स्वगयं को शामि‍ल करने की वि‍शि‍ष्टु क्षमताओं को वि‍कसि‍त कि‍या है। महत्व्पूर्ण व सरकारी क्षेत्र के संगठनों को साइबर हमला रोकने व अपने सुरक्षा की स्थिग‍ति‍को सुदृढ़ करने के लि‍ए सीईआरटी-इन 44 सूचना प्रौद्योगि‍की सुरक्षा लेखा परीक्षकों का ताजा पैनल तैयार कि‍या है जो वाणि‍ज्यिई‍क आधार पर सुरक्षा लेखापरीक्षा सेवा मुहैया कराएगा।

 

• साइबर सुरक्षा के क्रम में अपनी तैयारियों की पहुंच बनाने के लिए सीइआरटी देश में जटिल सूचना संरचना संगठनों के साथ मिलकर नियमित रूप से नकली अभ्याेस (मॉक ड्रील) चला रहा है। इन अभ्याीसों ने सूचना संरचनाओं की साइबर सुरक्षा की दशा और जटिल क्षेत्र संगठनों में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता के अलावा साइबर सुरक्षा घटनाओं को संभालने के लिए श्रमशक्ति को प्रशिक्षित करने में शानदार सुधार करने में सहायता की है।

 

• इसके अतिरिक्त सीईआरटी और अमेरिकी सीईआरटी ने अगस्त 2014 में संयुक्ति रूप से भारत अमेरिका साइबर सुरक्षा अभ्याकस संचालित किया था। एक अन्यक सुरक्षा अभ्यारस एशिया प्रशांत सीइआरटी के साथ सितम्बतर 2014 में संचालित किया गया था।

 

• सीईआरटी नियमित रूप से साइबर सुरक्षा की विशेषज्ञता के क्षेत्र में एक, दो अथवा तीन दिनों की कार्यशाला का आयोजन कर रही है। कार्यशालाओं का उद्देश्य साइबर सुरक्षा अधिकारियों को प्रौद्योगिकी, नवीनतम अरक्षितता और साइबर घटनाओं के समकालीन क्षेत्र में सार्वजनिक और निजी संगठनों के सामने लाना है।

 

• डिजिटल साक्ष्यों के संग्रह और विषलेश्ण में अपने व्यकक्तियों को प्रशिक्षित करने के लिए इलेक्ट्रानिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग कानून क्रियान्वयन एंजेसियों के साथ काम कर रहा है। डिजिटल साक्ष्यों के संबंध में इसी प्रकार का प्रशिक्षण न्यायपालिका के लिए संचालित किया जा रहा है। उत्पादों और सेवाओं को विकसिक करने के लिए प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में शोर और विकास के लिए निवेश हो रहा है। इन क्षेत्रों में क्रिप्टोग्राफी, स्टेग्नोग्राफ़ी,प्रमाणीकरण, नेटवर्क निगरानी, मोबाइल सुरक्षा और फोरेंसिक उपकरण शामिल हैं। सीडीएसी केंद्र त्रिरूवंतपुरम साइबर फोरेंसिक उपकरणों को विकसित करने में सक्रियता से काम कर रहा है।  

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