आय, नौकरी दुनिया में दो सबसे बड़ी चुनौतियां

- मौजूदा दौर में दुनिया के समक्ष दो बड़ी चुनौतियां हैं, लोगों की आय में भारी अंतर और रोजगार संबंधी मौके बढ़ाए बगैर आर्थिक विकास। विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की रिपोर्ट में यह बात कही गई है। 

 

- ग्लोबल एजेंडा आउटलुक के मुताबिक वर्ष 2015 के दौरान पूरी दुनिया के समक्ष जो चुनौतियां पेश आने वाली हैं, उनमें आय का अंतर बढ़ना और नौकरियां बढ़ाए बगैर आर्थिक विकास शीर्ष पर हैं। - कुशल नेतृत्व की कमी गंभीर समस्या बनकर उभरी है। इस साल यह समस्या गहराई है। प्रमुख 10 चुनौतियों में यह तीसरे पायदान पर पहुंच गई, जो पिछले साल 7वें पायदान पर थी। न केवल आर्थिक और राजनीतिक क्षेत्र में कुशल नेतृत्व का अभाव है, बल्कि पर्यावरण के मामले में भी यह गंभीर समस्या बनी हुई है।

 

- इसके अलावा प्रदूषण, मौसम संबंधी घटनाएं और पानी की समस्या भी उत्तरोतर गंभीर होती जा रही है।

 

- रिपोर्ट में कहा गया है, "इन सभी चुनौतियों की वजह से दुनिया भर में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक अस्थिरता पैदा हो सकती है।"सबसे नई चीज यह सामने आई है कि आर्थिक विकास में स्वास्थ्य की अहमियत तेजी से बढ़ रही है। इसे एक मौके के तौर पर देखा जा सकता है, लेकिन यह गंभीर चुनौती भी है।

 

=>2015 की संभावित 10 बड़ी समस्याएं -लोगों की आय में अंतर गहराना।

- बगैर नौकरियों की आर्थिक तरक्की। 

- कुशल नेतृत्व का अभाव।

- देशों के बीच बढ़ती रणनीतिक स्पर्धा। 

- लोकतंत्र का कमजोर पड़ना। 

- विकासशील देशों में प्रदूषण बढ़ना। 

- मौसम संबंधी गंभीर घटनाएं।

- प्रचंड राष्ट्रवाद का उदय। 

- पानी को लेकर बढ़ता तनाव। 

- अर्थव्यवस्था में स्वास्थ्य की अहमियत बढ़ना।

 

=>आपसी सहयोग जरूरी - "मौजूदा दौर की चुनौतियां वैश्विक हैं। ये आपस में जुड़ी हुई हैं। इनका निराकरण फौरन किए जाने की जरूरत है, लेकिन यह आसान कम नहीं है। इसका एक ही उपाय है, बेहतर आपसी समझदारी और मजबूत सहयोग।"  

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