जी-20 शिखर सम्मेलन में ऊर्जा पर प्रधानमंत्री के वक्तव्य के मुख्य अंश

- सभी के लिए सस्‍ती, आश्‍वस्‍त एवं स्‍वच्‍छ ऊर्जा आपूर्ति के लिए अधिक पहुंच सुनिश्चित कराना हमारा प्राथमिक उद्देश्‍य होना चाहिए।

यह सभी देशों के लिए प्रमुख आर्थिक अवसर है।

       • सब मिलकर नवीकरणीय ऊर्जा खासकर सौर ऊर्जा के साथ-साथ पारंपरिक ऊर्जा के लिए एक महत्‍वकांक्षी एवं नवाचारयुक्‍त प्रयास करें। गुजरात में कनाल टोप परियोजना काफी अच्‍छी साबित हुई है और इसने पानी की बचत भी की है।

 

      • कार्बन की कीमतों का निर्धारण खासकर बिजली की सार्वभौमिक उपलब्‍धता वाले परिपक्‍व बाजारों में, नवीकरणीय ऊर्जा को प्रोत्‍साहित कर सकता है।

 

       • सामूहिक शोध एवं विकास प्रयासों में सामूहिक रूप से भागीदार बने और इन्‍हें सभी देशों तक पहुंचाएं। 

 

- इसके लिए स्‍वच्‍छ ऊर्जा अनुसंधान एवं विकास के लिए एक वैश्विक आभासी केन्‍द्र की स्‍थापना का प्रस्‍ताव रखूंगा जिसमें पर्याप्‍त सार्वजनिक निवेश हो जो स्‍वच्‍छ ऊर्जा के विभिन्‍न स्रोतों से संबंधित सामूहिक परियोजनाओं, स्‍मार्ट ग्रिड एवं ऊर्जा दक्षता जैसे क्षेत्रों में धनराशि उपलब्‍ध कराएगा। 

 

- भारत और अमरीका ने द्विपक्षीय आधार पर एक उत्‍कृष्‍ट आभासी केन्‍द्र की स्‍थापना की है, जिसमें सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की भागीदारी है। शोध परियाजनों की परख करने और उनके मूल्‍यांकन के लिए हम विख्‍यात विशेषज्ञों की टीम का चयन कर सकते हैं।

 

इनके परिणामों को सभी देशों को उपलब्‍ध कराना चाहिए।

       • ग्रामीण क्षेत्रों में नवीकरणीय ऊर्जा के व्‍यापक प्रसार को सुनिश्चित करने की विकेन्‍द्रीकृत प्रक्रिया के तहत हमें धनराशि उपलब्‍ध कराने के लिए उन्‍नत वित्‍तीय मॉडल्‍स पर भी विचार करना चाहिए।

      • भारत जैसे देशों में ऐसे लोगों के लिए प्रचुर संभावनाएं हैं जो स्‍वच्‍छ कोयला तकनीक में निवेश करने के इच्‍छुक हैं क्‍योंकि इस पर हमारी निर्भरता जल्‍दी ही कम नहीं होगी।

      • परमाणु ऊर्जा एक सुरक्षित, विश्‍वसनीय और ऊर्जा का स्‍वच्‍छ स्रोत बन सकता है। यह मिश्रित जरूरतों का एक आवश्‍यक हिस्‍सा होगा।

      • ऊर्जा निष्‍पादन, स्‍वच्‍छ ऊर्जा का बेहतर स्रोत है भारत में, उदाहरण के तौर पर इमारतों, घरेलू उपकरणों एवं औद्योगिक वस्‍तुओं के क्षेत्र में ऊर्जा दक्षता तथा गुणवत्‍ता की तरफ लोगों का ध्‍यान जा रहा है।

    • जीवनशैली में बदलाव और खपत में मितव्‍ययता, ऊर्जा चुनौतियों से निपटने में बेहतर प्रतिक्रिया होगी।

    • जी-20 एक एकीकृत प्राकृतिक गैस बाजार को बढ़ावा देने में प्रभावी साबित हो सकती है। इससे न केवल गैस क्षेत्र में मुक्‍त व्‍यापार के अवसर सुनिश्चित होंगे बल्कि बाजारों का संचालन और भी बेहतर तरीके से होगा।  

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