दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई)& नई योजना की विशेषताएं

- ग्रामीण क्षेत्रों को बिजली कनेक्शन से जोड़ने की संप्रग की राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के स्थान पर सरकार दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई) शुरू करने जा रही है।

- बिजली मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक डीडीयूजीजेवाई देश के ग्र्रामीण इलाकों तक न सिर्फ बिजली पहुंचाएगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगी कि हर घर को गुणवत्तापूर्ण बिजली मिले। 

- राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के तहत किये जाने वाले काम दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना का एक हिस्सा मात्र होंगे।

- नई योजना की सबसे अहम खासियत यह होगी कि सौ से कम आबादी वाले गांवों को भी बिजली कनेक्शन दे दिया जाएगा। - आरजीजीवीवाई के तहत 100 से ज्यादा आबादी वाले गांवो को ही शामिल किया जा सकता था। साथ ही अब गांवों में भी ज्यादा क्षमता के बिजली ट्रांसफार्मर लगेंगे। 

- आरजीजीवीवाई के तहत 11 केवी के ट्रांसफार्मर लगाये जाते रहे हैं। इनको लेकर काफी शिकायतें आ रही हैं। ये ट्रांसफार्मर बहुत जल्दी फुंक जाते हैं, जिसकी वजह से बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है।

- नई योजना की एक अन्य खासियत यह होगी कि अगले पांच वर्षों में पूरे देश में कृषि क्षेत्र के लिए फीडर लाइन स्थापित की जाएगी। यह गुजरात में सफलतापूर्वक आजमाया हुआ नुस्खा है, जिसे अब राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया जाएगा।

 

=>संप्रग ने बदली थी राजग की योजना

- ग्रामीण विद्युतीकरण योजना का खाका वाजपेयी सरकार ने तैयार किया था। लेकिन वर्ष 2004 में संप्रग की सरकार बनी और 2005 में इसे राजीव गांधी के नाम से लागू किया गया। मौजूदा 12वीं योजना के तहत इस पर 22,598 करोड़ रुपये की राशि मंजूरी की गई है।

 

=>नई योजना की विशेषताएं

1. सौ से कम आबादी वाले गांव भी शामिल

2. ज्यादा क्षमता के ट्रांसफार्मर लगेंगे

3. कृषि क्षेत्र के लिए अलग फीडर होगा

4. नए सब-स्टेशन बनाने पर होगा जोर

5. ट्रांसफार्मर व मीटर को बदलना आसान  

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