निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों को सरकारी नौकरियों की तैयारी

- केंद्र सरकार ने निजी क्षेत्र के प्रोफेशनल विशेषज्ञों की सेवाएं हासिल करने के लिए इन्हें सरकारी नौकरियों की ओर लुभाने की तैयारी शुरू की है। 

 

- सरकार ने सभी मंत्रालयों को ऐसे पदों की पहचान करने को कहा है जिन पर काम करने के लिए विशेषज्ञता या तकनीकी ज्ञान की जरूरत होती है।

 

- सरकार शासकीय सेवाओं में भर्तियों के नियमों में भी बदलाव करेगी। इसके तहत ऐसे विशेषज्ञता प्राप्त लोगों को निजी क्षेत्र के अनुरूप वेतन देकर कांट्रैक्ट बेसिस पर भर्ती किया जाएगा। 

 

- इस कवायद का उद्देश्य शीर्ष सरकारी पदों पर प्रतिभा संपन्न लोगों की भर्तियां सुनिश्चित करना और सरकार के कामों में ऐसे लोगों की भागीदारी के लिए उचित अवसर उपलब्ध कराना है। इस विकल्प के तहत नियुक्ति का अवसर सरकारी कर्मचारियों को भी उपलब्ध होगा। यदि कोई सरकारी कर्मचारी निजी क्षेत्र के अनुरूप वेतन पर नियुक्ति चाहता है तो उसे अपनी मौजूदा सेवा से इस्तीफा देना होगा या समयपूर्व सेवानिवृत्ति लेनी होगी।

 

- कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) द्वारा तैयार किए गए कॉन्सेप्ट नोट के मुताबिक चयन किए जाने वाले सरकारी क्षेत्र से बाहर के उम्मीदवारों को एक निश्चित समय के लिए कांट्रैक्ट बेसिस पर नियुक्ति दी जाएगी। - उद्योग जगत के विशेषज्ञता प्राप्त लोगों को शासकीय पदों पर लाने से प्रशासनिक सुधार ।

 

- इससे पहले छठे वेतन आयोग की वर्ष 2008 में सौंपी गई रिपोर्ट में भी यह सुधार करने की सिफारिश की गई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि अतिरिक्त सचिव के समकक्ष हायर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड (एचएजी) और संयुक्त सचिव के समकक्ष सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड (एसएजी) स्तर के ऐसे शासकीय पदों को चिन्हित किया जाए, जिन पर काम करने के लिए विशेष तकनीकी ज्ञान और विशेषज्ञता की जरूरत है। इन पदों पर सरकारी और सरकारी क्षेत्र से बाहर के अधिकारियों को नियुक्त किया जाए।  

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