स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस का परीक्षण सफल

- भारत के स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस ने उड़ान भरकर मील का पत्थर साबित हुआ है.

 

- तेजस पीवी-6 के दो सीटों वाले ट्रेनर संस्करण . .बीते दो दशक से अधिक समय से जारी इस परियोजना के तहत उड़ान भरने वाला यह तेजस का 16वां संस्करण है.

 

- पीवी-6 में इस कार्यक्रम के तहत पिछली 2500 से ज्यादा उड़ानों के सभी प्रमुख डिजाइन मौजूद हैं. विमान का यह अंतिम प्रारूप है और इसके बाद प्रशिक्षण विमान के उत्पादन का काम शुरू होगा.

 

- इस विमान में नई दूरसंचार प्रणाली, रडार, ईडब्ल्यू सेंसर और नया नेविगेशन सिस्टम लगा है, जो इसे स्वतः जमीन में उतरने में मदद करता है। - ऊंचाई :- 30 हजार फीट की  - उसकी अध‍िकतम गति 0.7 मैक मापी गई।  - 14 डिग्री के कोण पर हवा से हवा में वार । 

 

- यह तेजस का 15वां वेरियंट है। इसससे पहले टीडी1, टीडी2, पीवी1, पीवी2, पीवी3, पीवी5 (ट्रेनर), एलएसपी1, एलएसपी2, एलएसपी3, एलएसपी4, एलएसपी5, एलएसी7, एलएसपी8 और एसपी1। के परीक्षण किये गये। वहीं नौसेना के वेरियंट एनपी1 का ट्रायल अभी चल रहा है।

 

तेजस से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें- - पीवी6 दूसरा दो सीटों वाला लड़ाकू विमान है, जो हवा से हवा में मार करता है। 

- इस विमान से हवा से जमीन पर भी हमला किया जा सकता है। 

- इस विमान को हवा से हवा में मार करने वाले सभी हथ‍ियारों से लैस किया जा सकता है। 

- इस विमान में ऑन बोर्ड कम्युनिकेशन सिस्टम, रडार, ईडब्ल्यू सेंसर लगे हैं। 

- इसमें ऑटोमेटिक लैंडिंग के लिये नेवीगेशन सिस्टम भी लगा हुआ है।  

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