भारत में पर्यटन

- पर्यटन, भारत का सबसे विशाल सेवा उद्योग है।  - आर्थिक विकास विशेषकर दूर-दराज और पिछड़े क्षेत्रों में रोजगार सृजन के लिए पर्यटन का विशेष महत्‍व है। - पर्यटन निम्‍न आय वर्ग और महिलाओं के लिए भी आय के बेहतर स्रोत विकसित करने में सक्षम है। - देश के सकल घरेलू उत्‍पाद में पर्यटन क्षेत्र का प्रत्‍यक्ष योगदान 3.7 प्रतिशत है, जबकि कुल प्रत्‍यक्ष एवं अप्रत्‍यक्ष योगदान 6.8 प्रतिशत है। - देश के रोजगार में पर्यटन क्षेत्र का प्रत्‍यक्ष योगदान 4.4 प्रतिशत है, जबकि कुल प्रत्‍यक्ष एवं अप्रत्‍यक्ष योगदान 10.2 प्रतिशत है।  - पर्यटन क्षेत्र एक ऐसा क्षेत्र है जो अकुशल तथा अर्धकुशल श्रमिकों को भी बेहतर रोजगार मुहैया कराता है। महिलाओं को रोजगार मुहैया कराने में इसका विशेष योगदान है। पर्यटन क्षेत्र में कार्यरत कुल श्रमिक बल में 70 प्रतिशत महिलाएं हैं। वैश्विक स्‍तर पर भी अन्‍य क्षेत्रों के मुकाबले पर्यटन क्षेत्र में लगभग दोगुनी संख्‍या में महिलाएं कार्यरत हैं। - वैश्विक स्‍तर पर पाँच पर्यटन मंत्रियों में एक मंत्री महिला हैं। इस दृष्टि से पर्यटन क्षेत्र समाज में समानता तथा सामाजिक न्‍याय को समर्थन देने का भी माध्‍यम है। - 12वीं पंचवर्षीय योजना में इस बात पर विशेष ध्‍यान दिया गया है कि तेजी से विकसित होते सेवा क्षेत्र के बरक्‍स पर्यटन क्षेत्र में कम-से-कम 12 प्रतिशत की वृद्धि प्राप्‍त की जाए। - पर्यटन क्षेत्र के समक्ष आने वाली चुनौतियों पर भी योजना में ध्‍यान दिया गया है। यह चुनौतियां हैं- - कौशल विकास,  - आधारभूत-ढांचागत विकास,  - विपणन तथा ब्रांड प्रोत्‍साहन,  - उत्‍पादों की व्‍यापक श्रेणी,  - उत्‍तरदायी पर्यटन,  - साफ-सफाई एवं स्‍वच्‍छता तथा विभिन्‍न गतिविधियों के बीच सुसंगतता। - इन चुनौतियों से निपटने के लिए 12वीं पंचवर्षीय योजना में 2.49 करोड़ नए रोजगारों के सृजन का लक्ष्‍य रखा गया है। साथ ही 'हुनर से रोजगार' पहल के अंतर्गत कौशल विकास के लिए कदम उठाये गये हैं। योजना में पर्यटन के अंतर्गत निम्‍न क्षेत्रों पर ध्‍यान दिया जाएगा:- · => चिकित्‍सा/ स्‍वास्‍थ्‍य पर्यटन को प्रोत्‍साहन देने के लिए योजना =>· समुद्री पर्यटन समुद्री पर्यटन वैश्विक स्‍तर पर पर्यटन क्षेत्र के अंतर्गत तेजी से विकसित होने वाला आकर्षक क्षेत्र है। शिपिंग मंत्रालय द्वारा 20 जून 2008 को समुद्री शिपिंग नीति का अनुमोदन किया गया। इस नीति का उद्देश्‍य ढांचागत तथा अन्‍य सुविधाओं का विकास करके समुद्री पर्यटन को महत्‍वपूर्ण पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करना था। · => ग्रामीण पर्यटन - पर्यटन के क्षेत्र में संभावित वृद्धि की रणनीति को अमल में लाकर ग्रामीण विकास किया जा सकता है।  - ग्रामीण विकास की धारणा को विकास का एक मजबूत मंच बनाया जा सकता है जो भारत जैसे देश में बहुत लाभदायक सिद्ध होगी, जहां कुल जनसंख्‍या की लगभग 74 फीसदी आबादी 70 लाख गांव में रहती है। - पूरे विश्‍व में औद्योगिकरण और विकास के मद्देनजर शहरीकरण का दृष्टिकोण बढ़ा है। इसके साथ-साथ शहरी जीवन शैली ने केंद्रीय शहरीकरण का रास्‍ता अपना लिया है। - उपरोक्‍त क्षेत्रों के अलावा जिन क्षेत्रों पर विशेष ध्‍यान दिया जाएगा उनमें साहसिक गतिविधियां, जंगल एवं पर्यावरण पर्यटन, एम आई सी ई- सम्‍मेलन गोष्ठियां तथा प्रदर्शनी पर्यटन, फिल्‍म पर्यटन, व्‍यंजन एवं ख‍रीदारी पर्यटन और गोल्‍फ, पोलो तथा खेल पर्यटन शामिल हैं। - ऐसे पर्यटन क्षेत्रों के विकास पर भी ध्‍यान दिया जाए जिनसे लोग कम परिचित हैं।  - इसके अतिरिक्‍त उत्‍तरदायित्‍व के साथ पर्यटन क्षेत्र के विकास पर भी बल दिया जाए। उत्‍तरदायी पर्यटन के अंतर्गत, टिकाऊ विकास तथा पर्यटन क्षेत्रों की वहन क्षमता पर ध्‍यान दिया जाएगा। साथ ही सुरक्षित और गरिमापूर्ण पर्यटन के विकास पर भी ध्‍यान दिया जाएगा।  

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