व्यापार सुविधा समझौता (टीएफए)

- टीएफए का उद्देश्य सीमा शुल्क प्रक्रिया को सरल बनान, पारदर्शिता बढ़ाना और लेनदेन के खर्च को कम करना है ताकि निर्बाध व्यापार सुनिश्चित हो सके. वर्ष 2015 से इसे औपचारिक रूप से लागू करने पर बाली में सहमति बनी. - अमेरिका और अन्य विकसित देश अपनी डगमगाई हुई अर्थव्यवस्था के सहारे की तलाश में टीएफए पर जोर लगा रहे हैं. अनुमान के अनुसार टीएफए के कार्यान्वयन से विश्व अर्थव्यवस्था में 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर (60 लाख करोड़ रुपये ) जुड़ेंगें और 21 मिलियन रोजगार पैदा होगा. =>बाली पैकेज  बाली पैकेज भारत और अन्य विकासशील देशों को जब तक वे अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौता खत्म नहीं करते तब तक बिना किसी कानूनी चुनौतियों के मुख्य खाद्य उपजों पर सब्सिडी देने की अनुमति देता है. यह अंतरिम शांति खंड (पीस क्लाज) भी प्रदान करता है. =>शांति खंड (पीस क्लाज)  पीस क्लाज दिसंबर 2013 से शुरु होने वाले चार वर्ष की अंतरिम अवधि की सुविधा देता है जिसमें खाद्य सुरक्षा से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा की जाएगी और 2017 तक एक स्थायी समाधान निकाल लिया जाएगा. - हालांकि पीस क्लाज में कई शर्तें हैं जैसे भारत को 2017 में खत्म हो रहे चार वर्षों की अवधि में एक बार डब्ल्यूटीओ के विवाद निपटान निकाय में ले जाया जा सकता है. इसके अलावा, निवारण रोधी/ सेफगार्ड क्लाज में यह कहा गया है कि इस क्लाज का इस्तेमाल करने वाले देशों को इन कार्यक्रमों के तहत प्राप्त स्टॉक की वजह से व्यापार न बिगाड़ना सुनिश्चित करना होगा.

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